यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 10, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जानिए, सरकार बनाने या बचाने के लिए जब विधायकों पर लगा पहरा
बुधवार को पार्टी के करीब 130 विधायकों को शशीकला ने रिसॉर्ट में पहुंचा दिया। ताकि कोई खेमा विधायकों की सेंधमारी न कर सके।

नई दिल्ली(जेएनएन)। चेन्नई से 80 किलोमीटर दूर एक आलीशान रिजॉर्ट इन दिनों तमिलनाडु में आए राजनीतिक तूफान का केंद्र बना हुआ है। यहां एआइएडीएमके नेता ओ पन्नीरसेलवम और वीके शशिकला एक दूसरे के खिलाफ खड़े हुए हैं। बुधवार को पार्टी के करीब 130 विधायकों को शशीकला ने रिसॉर्ट में पहुंचा दिया। ताकि कोई इन विधायकों की सेंधमारी न कर सके।
जब विधायकों को किया गया नजरबंद
1988 में तमिलनाडु के पॉपुलर सीएम एम जी रामाचंद्रन आखिरी सांसे गिन रहे थे। तमिलनाडु में उत्तराधिकार की जंग शुरु हो चुकी थी। एक तरफ जयललिता थीं तो दूसरी तरफ एमजीआर की पत्नी जानकी रामचंद्रन। जानकी ने एआईएडीएमके विधायकों के दम पर असेंबली में विश्वास मत का प्रस्ताव दे दिया लेकिन जयललिता भी कमजोर नहीं थीं। ‘अम्मा’ अपने 33 विधायकों समेत सदन से अनुपस्थित रहीं।
तत्कालीन स्पीकर पीएच पांडियन ने जयललिता समेत 33 विधायकों को बर्खास्त कर दिया। इसके बाद जानकी ने आसानी से विश्वास मत हासिल कर लिया। पार्टी की अंदरुनी कलह में केंद्र सरकार की दिलचस्पी बढ़ी और एक पक्ष का पलड़ा भारी हो गया। कुछ महीने में ही जानकी की सरकार बर्खास्त कर दी गई। इसके बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा और एक साल बाद डीएमके सरकार बनाने में सफल रही। 1991 में जयललिता ने चुनाव जीता और पहली बार राज्य की मुख्यमंत्री बनीं।
2016 उत्तराखंड- उत्तराखंड विधानसभा में एक महत्वपूर्ण विश्वास मत से पहले कांग्रेस और भाजपा ने विधायकों को सेंधमारी से बचाने के लिए रिसॉर्ट भेज दिया।
2016 कर्नाटक- कर्नाटका में कांग्रेस ने भाजपा की सेंधमारी से बचाने के लिए निर्दलीय विधायकों को मुंबई के एक होटल में शिफ्ट कर दिया। काफी आलोचना के बाद विधायकों को घर वापिस आने की अनुमति दी गई।
2007 अरूणाचल प्रदेश- 20 विधायकों को कथित तौर पर दोरजी खांडू के द्वारा गुड़गांव के एक रिजॉर्ट में पहुंचाया गया। ये तत्कालीन मुख्यमंत्री गेगांग अपांग के खिलाफ एक विद्रोह था।
2005 झारखंड- अर्जुन मुंडा सरकार को गिरने से बचाने के लिए भाजपा ने आधे दर्जन निर्दलीय विधायकों को राजस्थान के रिजॉर्ट में शिफ्ट किया था। एक साल बाद इन विधायकों ने मधु कोणा को समर्थन दिया जिन्होंने कांंग्रेस और आरजेडी की मदद से राज्य में सरकार बनाई।
2005 बिहार- जनता दल की मदद के लिए लोक जनशक्ति पार्टी के विधायकों के एक समूह को जमशेदपुर के एक होटल में शिफ्ट किया गया।
2002 उत्तरप्रदेश- समाजवादी पार्टी की सेंधमारी से बचाने के लिए बहुजन समाज पार्टी ने अपने विधायकों को किसी गोपनीय जगह पर शिफ्ट कर दिया था।
2000 बिहार- नीतिश कुमार से बचाने के लिए कांग्रेस और आरजेडी ने अपने विधायकों को पटना के होटल में शिफ्ट कर दिया था। निर्धारित समय में राजद समर्थकों की सूची प्रस्तुत करने में विफल जिसके बाद नीतिश कुमार सात दिनों के लिए मुख्यमंत्री बनें।
1998 उत्तरप्रदेश- राज्यपाल रोमेश भंडारी द्वारा कल्याण सिंह सरकार की बर्खातगी के बाद भाजपा ने जगदंबिका पाल की लोकतांत्रिक कांग्रेस की सेंधमारी से अपने विधायकों को बचाने के लिए उन्हें चार्टेड प्लेन से दिल्ली में किसी गोपनीय जगह पर पहुंचा दिया था। पाल, सिंह की जगह 40 घंटों के लिए मुख्यमंत्री बनें। इसके बाद सिंह ने सदन में बहुमत हासिल किया और एक बार फिर मुख्यमंत्री पद पर विराजमान हुए।
