यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 07, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'अखिलेश' के 'तरकश' से स्टिंग जांच का हवाई 'तीर'
दंगे में चैनल के स्टिंग आपरेशन पर सियासी बवाल के बाद जांच की घोषणा भी हवाई दिखने लगी है। स्टिंग ...और पढ़ें

मुजफ्फरनगर [नीरज गुप्ता]। दंगे में चैनल के स्टिंग आपरेशन पर सियासी बवाल के बाद जांच की घोषणा भी हवाई दिखने लगी है। स्टिंग में लगे आरोपों की जांच के लिए गठित विधानसभा की कमेटी की न तो अभी तक बैठक हुई है और न ही समिति सदस्यों को इस बारे में कोई दिशा- निर्देश मिले हैं। एक सदस्य पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं।
17 सितंबर को एक टीवी चैनल ने स्टिंग आपरेशन किया था। इसमें हिरासत में लिए लोगों को थाने से छुड़ाने के बारे में पुलिस अधिकारियों की बातचीत दिखाई गई थी। दो दिन तक चैनल पर फजीहत के बाद प्रदेश सरकार बैकफुट पर आ गई। विपक्ष ने स्टिंग में मंत्री आजम खान पर आरोपियों को छुड़ाने के आरोप लगाए। इस मामले में कई थानेदार और अन्य पुलिस अफसरों पर कार्रवाई की गई। सरकार की फजीहत होने पर 20 सितंबर को विधानसभा में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कमेटी गठित करने की घोषणा की। 26 सितंबर को राज्य सरकार से सुप्रीम कोर्ट ने भी स्टिंग पर जवाब तलब किया। सात सदस्यीय समिति का सभापति कानपुर के क ल्यानपुर से सपा विधायक सतीश निगम को बनाया गया। कमेटी गठित किए गए एक पखवाड़ा से ज्यादा हो गया, लेकिन अभी तक समिति की प्रारंभिक बैठक भी नहीं हो सकी है। चैनल से भी कोई जवाब नहीं मांगा गया। जांच के लिए संसाधन भी मुहैया नहीं कराए गए। जांच शुरू होने से पहले ही कमेटी के एक भाजपा विधायक सदस्य मनीष ने इस्तीफा दे दिया था।
बोले समिति सदस्य..
विधानसभा ने स्टिंग की जांच के लिए कमेटी बनाई है, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है। शासन संभवत: अगले विधानसभा सत्र में ही जांच के लिए मीटिंग बुलाए। चैनल से भी जवाब नहीं मांगा है।
-अमरपाल शर्मा, विधायक बसपा, साहिबाबाद (गाजियाबाद)
कमेटी की अभी मीटिंग ही नहीं हुई है, इसलिए जांच भी शुरू नहीं हो सकी है। जांच शुरू होने पर ही स्टिंग की असलियत का पता लगेगा। सरकार द्वारा कमेटी गठन के बाद कोई कदम नहीं उठाया गया है।
-दिलनवाज खान, विधायक कांग्रेस, स्याना (बुलंदशहर)
एक सदस्य के इस्तीफा से विलंब : सभापति
कमेटी के सभापति सतीश निगम कहते हैं, कमेटी के एक भाजपा विधायक सदस्य ने इस्तीफा दे दिया था। विधानसभा के प्रमुख सचिव भी अवकाश पर हैं। इन कारणों से जांच लटकी है। सरकार से छह सदस्य या फिर एक सदस्य और मनोनीत कराने की मांग करेंगे। इसके बाद लखनऊ में बैठक कर स्टिंग आपरेशन जांच की दिशा तय की जाएगी। चैनल से रिकार्ड लिया जाएगा।
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