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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 20, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

खतरनाक होती है सॉफ्ट ड्रिंक, लेती है हर साल हजारों जान

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Published: Wed, 20 Mar 2013 03:13 PM (IST)Updated: Wed, 20 Mar 2013 04:26 PM (IST)

गर्मी से राहत देना वाला शीतल पेय आपकी जान का दुश्मन भी हो सकता है। एक शोध में यह दावा ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। गर्मी से राहत देना वाला शीतल पेय आपकी जान का दुश्मन भी हो सकता है। एक शोध में यह दावा किया गया है कि शीतल पेय पीने से विश्व में हर साल लगभग 1 लाख 80 हजार लोगों की मौत हो जाती है।

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन इपीडोमोलॉजी एंड प्रिवेंशन न्यूट्रीशन, फिजिकल एक्टीविटी एंड मेटाबोलिस्म 2013 साइंटफिक सेशन में इस बात की जानकारी दी गई। शोध के अनुसार सॉफ्ट ड्रिंक जैसे शीतल पेय, एनर्जी ड्रिंक और फ्रूट ड्रिंक से मोटापा, मधुमेह, हृदय एवं फेफड़े और कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

शोध के अनुसार सॉफ्ट ड्रिंक की वजह से मरने वाले 1 लाख 80 हजार लोगों में से 1 लाख 33 हजार लोग मधुमेह की वजह से, 44 हजार हृदय और फेफड़े संबंधी बीमारियों की वजह से और 6 हजार लोग कैंसर की वजह से मरते हैं।

शोध के अनुसार सॉफ्ट ड्रिंक में हेल्थ का गुप्त दुश्मन छुपा होता है। सॉफ्ट ड्रिंक या इस तरह के किसी भी शुगर वाले ड्रिंक के बहुत से साइड इफेक्ट भी हैं। इसके ज्यादा इस्तेमाल से न केवल मोटापा और डायबीटीज की समस्या होती है, बल्कि बहुत से लोगों में दिल की परेशानी भी शुरू हो जाती है। ड्रिंक में मिला एक्स्ट्रा शुगर, कैफीन और कलर कई तरह से हेल्थ को नुकसान पहुंचाते हैं। एक्स्ट्रा शुगर जहां मोटापे और डायबीटीज की समस्या देता है, वहीं ड्रिंक में मिला कैफीन हड्डियों को कमजोर करता है। इससे इम्यून सिस्टम कमजोर होता है और इससे कई तरह के दिल के रोग भी हो रहे हैं।

ज्यादा शुगर से इंसुलिन लेवल में गड़बड़ी, मोटापा और दिल की समस्या हर तरह के सॉफ्ट ड्रिंक में शुगर की अतिरिक्त मात्रा मिली होती है। बार बार इसे पीने से शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ने लगती है। इससे पैंक्रियाज द्वारा ज्यादा इंसुलिन का साव ज्यादा होने लगता है। यह इंसुलिन बॉडी के लिए काफी महत्वपूर्ण रोल अदा करता है और शुगर को शरीर के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाता है। जहां इसे एनर्जी के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन समस्या तब होने लगती है, जब इंसुलिन का लेवल नॉर्मल से ज्यादा होने लगता है। इससे शरीर के इम्यून सिस्टम पर असर पड़ने लगता है। कभी कभी डिप्रेशन की भी समस्या आती है। रोगों से लड़ने की क्षमता भी कम हो जाती है। दूसरे ज्यादा शुगर से चर्बी की मात्रा बढ़ने लगती है और एनर्जी भी ज्यादा स्टोर होने लगती है। ऐसा लगातार होने पर मोटापे की समस्या शुरू हो जाती है। दूसरे ज्यादा शुगर से डायबीटीज भी हो सकता है। इन दोनों ही स्थितियों में बड़ी समस्या दिल संबंधी परेशानियों की शुरू हो जाती है।

कैफीन गला देती है हड्डियां: सॉफ्ट ड्रिंक में कैफीन होती है। इसका साइड इफेक्ट यह होता है कि ज्यादा कैफीन से शरीर में कैल्शियम नष्ट होने लगता है। ड्रिंक में सोडा मिला होता है। यही कार्बोनेशन ही कैल्शियम को नष्ट करने का मुख्य कारण है। कैल्शियम का लेवल कम होने से हड्डियों और मसल्स कमजोर होने लगते हैं और यह कभी कभी पूरी उम्र की समस्या बन जाती है।

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