यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 13, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
केरल : राष्ट्रगान के अपमान के मामले में 6 लोग हिरासत में
राष्ट्रगान के दौरान खड़ा न होने के मामले में केरल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में शिरकत करने वाले 6 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

तिरुवनंतपुरम(पीटीआई)। केरल पुलिस ने सोमवार को 6 लोगों को हिरासत में लिया है। इन सभी लोगों पर राष्ट्रगान के दौरान खड़े न होकर उसका अपमान करने का आरोप है। आरोपी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल आॅफ केरल के दौरान राष्ट्रगान बजने पर खड़े नहीं हुए थे। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही थिअटर में फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्रगान बजना और उस दौरान खड़ा होना अनिवार्य किया था। हालांकि, इस फैसले के दायरे से दिव्यांगों को बाहर रखा गया है।
पुलिस के मुताबिक कन्नाकाकुन्नू निशागांधी के ओपन एयर थिएटर में राष्ट्रगान बज रहा था। पुलिस, फिल्म फेस्टिवल के आयोजकों और चलचित्र एकैडमी के निदेशक चार्मिन कमल ने हॉल में उपस्थित सभी लोगों से सम्मान में खड़े होने का आग्रह किया। लेकिन इन 6 लोगों ने इसका उल्लंघन किया। पुलिस ने इन सभी को हिरासत में लिया और म्यूजियम पुलिस स्टेशन ले गई।
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डीजीपी लोकनाथ बेहरा ने पुलिस को फिल्म फेस्टिवल के दौरान ऐसे हर शख्स पर नजर रखने का आदेश दे रखा था जो राष्ट्रगान के दौरान खड़े न होकर उसका अपमान कर रहे हों। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को राष्ट्रगान का अपमान करने वाले को कस्टडी में लेने के लिए पहले से ही निर्देशित कर रखा था।
इससे पहले चेन्नई में भी सात लोगों को राष्ट्रगान का अपमान करने के चलते हिरासत में लिया गया था। इसमें एक महिला भी शामिल थी जिसपर चेन्नई के काशी थिअटर में राष्ट्रगान बजने के समय सेल्फी लेने का आरोप है। इससे पहले केरल फिल्म फेस्टिवल के आयोजकों ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से 100 विदेशी मेहमानों को राष्ट्रगान के दौरान खड़े होने के फैसले से बाहर रखने की अपील की थी।
इस अपील को खारिज करते हुए जस्टिस दीपक मिश्रा और अमित्व रॉय ने कहा कि हम कुछ विदेशी मेहमानों को खुश करने के लिए फैसले में बदलाव नहीं कर सकते। यहां तक कि उन्होंने साफ किया था कि अगर फिल्म फेस्टिवल में 40 फिल्में प्ले होंगी तो हर बार राष्ट्रगान बजेगा और लोगों को हर बार खड़ा होना पड़ेगा।
