यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 27, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सुप्रीम कोर्ट को मिला अलग पिन कोड 110201
लोगों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट के लिए अलग पिन कोड 110201 शुरू किया गया है। ...और पढ़ें

नई दिल्ली। लोगों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट के लिए अलग पिन कोड 110201 शुरू किया गया है। इससे याचिकाओं और अन्य जरूरी मेल का वितरण तेजी से हो सकेगा।
मुख्य न्यायाधीश ने संचार मंत्री कपिल सिब्बल से पोस्ट कार्ड प्रणाली को खत्म न करने का आग्रह किया। उनका मानना है कि गांवों में आज भी पोस्ट कार्ड का इस्तेमाल किया जाता है। अलग पिन कोड शुरू किए जाने की सराहना करते हुए मुख्य न्यायाधीश पी सतशिवम ने कहा कि डाक विभाग को इसी तरह की सुविधा तमाम राज्यों के हाई कोर्ट के लिए भी शुरू करने पर विचार करना चाहिए।
जस्टिस सतशिवम ने उम्मीद जताई कि कोलकाता, मुंबई और चेन्नई जैसे मेट्रो शहरों में स्थित हाई कोर्ट में सबसे पहले अलग पिन कोड शुरू किया जाए।
मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर
