यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 29, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गुजरात सरकार नहीं बनवाएगी 2002 के दंगों में टूटे धर्मस्थल, सुप्रीम कोर्ट ने दी राहत
हाईकोर्ट ने धार्मिक इमारतों को हुए नुक़सान के आकलन के लिए कमेटी बना दी थी। नुक़सान की भरपाई सरकार को करनी थी। सरकार ने इसे सुप्रीम में चुनौती दी थी।

नई दिल्ली, जेएनएन। गुजरात में दंगे के दौरान क्षतिग्रस्त धार्मिक इमारतों की मरम्मत के लिए मुआवज़े के मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाइकोर्ट का फैसला रद कर दिया है।
हाईकोर्ट ने 2002 के गुजरात दंगों के दौरान क्षतिग्रस्त धार्मिक इमारतों के निर्माण के लिए सरकार को मुआवज़ा देने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का आदेश ख़ारिज करते हुए राज्य सरकार की मुआवज़ा नीति को सही ठहराया है। कोर्ट ने सरकार की नीति स्वीकार की है, जिसमें मकान दुकान की मुआवज़ा नीति में उचित लगने पर क्षतिग्रस्त धार्मिक इमारत का भी मुआवज़ा हो सकता है।
हाईकोर्ट ने धार्मिक इमारतों को हुए नुक़सान के आकलन के लिए कमेटी बना दी थी। नुक़सान की भरपाई सरकार को करनी थी। सरकार ने इसे सुप्रीम में चुनौती दी थी। गुजरात सरकार की सुप्रीम कोर्ट में दलील थी कि सरकार धर्मनिरपेक्ष होती है। ऐसे में सरकार किसी धार्मिक इमारत के निर्माण का ख़र्च नही उठा सकती।
