यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 08, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नारेबाज सांसदों के बंद हों वेतन भत्ते: शांता
लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को पत्र लिखकर उन्होंने उन सांसदों को पूरे सत्र के लिए बाहर करने का भी सुझाव ...और पढ़ें

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली । संसद न चलने से जहां राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी और भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी नाराज हैं। वहीं हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व लोकसभा सांसद शांताकुमार ने उन सांसदों के वेतन भत्ते रोकने की सलाह दी है जो गतिरोध के जिम्मेदार हैं। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को पत्र लिखकर उन्होंने उन सांसदों को पूरे सत्र के लिए बाहर करने का भी सुझाव दिया जो बार बार समझाने पर भी सदन की कार्यवाही बाधित करते हैं।
बुधवार को लिखे गए पत्र में शांता कुमार ने सदन के माहौल पर दुख जताया और कहा कि नारेबाजी अब महज हूटिंग तक के स्तर पर आ गई है। दर्शक दीर्घा में बैठी जनता और स्कूल कालेज के छात्रों के बीच संसद की गलत छवि जाती है। लिहाजा अनुशासन स्थापित करने के लिए सख्त कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए कि कोई सदस्य वेल में आकर नारेबाजी करे तो उसी वक्त से उसका वेतन और भत्ता रोक दिया जाए।
गौरतलब है कि बुधवार को ही आडवाणी ने भी कार्यवाही बाधित होने पर क्षोभ जताया था और ठीकरा स्पीकर और मंत्री के सिर फोड़ दिया था। बताते हैं कि गुरुवार को उन्होंने स्पीकर से मिलकर कहा कि उनका आरोप स्पीकर पर नहीं था।
