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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 17, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बिपिन रावत होंगे नए आर्मी चीफ, बीएस धनोआ को मिली वायुसेना की कमान

By Manish NegiEdited By:
Published: Sat, 17 Dec 2016 08:10 PM (IST)Updated: Sun, 18 Dec 2016 06:46 AM (IST)

बिपिन रावत मौजूदा आर्मी चीफ दलबीर सिंह सुहाग की जगह लेंगे। सुहाग का कार्यकाल 31 दिसंबर को खत्म हो रहा है।

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नई दिल्ली, प्रेट्र। सरकार ने अगले सेनाध्यक्ष और वायुसेनाध्यक्ष के नामों की घोषणा कर दी है। उप-सेनाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत अगले सेनाध्यक्ष होंगे जबकि उप-वायुसेनाध्यक्ष एयर मार्शल बीरेंद्र सिंह धनोआ अगले वायुसेनाध्यक्ष होंगे।

शुक्रवार को ही विजय दिवस के मौके पर पत्रकारों से बातचीत में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रीकर ने कहा था कि जल्द ही अगले सेनाध्यक्ष और वायु सेनाध्यक्ष के नामों की घोषणा की जाएगी।

दरअसल, वर्तमान सेनाध्यक्ष दलबीर सिंह और वायुसेनाध्यक्ष अरुप राहा दोनों 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

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आइबी और रॉ प्रमुख के नाम का एलान

केंद्र सरकार ने देश की दो शीर्ष खुफिया एजेंसियों के प्रमुखों की नियुक्ति का एलान कर दिया है। कश्मीर मामलों के विशेषज्ञ झारखंड कैडर के आइपीएस राजीव जैन इंटेलीजेंस ब्यूरो (आइबी) के नए प्रमुख होंगे। पाकिस्तान डेस्क पर काम कर चुके मध्य प्रदेश कैडर के आइपीएस अनिल धस्माना रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) की जिम्मेदारी संभालेंगे।

आइबी आंतरिक और रॉ बाहरी सुरक्षा का काम देखती है। दोनों के कार्यकाल दो-दो साल के होंगे। 1980 बैच के अफसर राजीव जैन एक जनवरी को आइबी निदेशक का पद संभालेंगे। मौजूदा प्रमुख दिनेश्वर शर्मा 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। जैन फिलहाल खुफिया एजेंसी में विशेष निदेशक के तौर पर तैनात हैं। राष्ट्रपति पुलिस मेडल से सम्मानित जैन आइबी के कश्मीर डेस्क समेत विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं दी हैं।

वह अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में कश्मीर मामलों के वार्ताकार केसी पंत के सलाहकार भी रह चुके हैं। 1981 बैच के अधिकारी अनिल धस्माना रॉ के मौजूदा निदेशक राजिंदर खन्ना का स्थान लेंगे। पिछले 13 वर्षो से रॉ में कार्यरत धस्माना को पाकिस्तान (खासकर बलूचिस्तान) मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है।

ज्ञात हो कि पिछले कुछ महीनों से कश्मीर में आतंकी हमले की घटनाएं बढ़ गई हैं। उड़ी हमला के बाद भारत ने गुलाम कश्मीर में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। ऐसे में जैन और धस्माना की नियुक्तियों को अहम माना जा रहा है।

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