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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 24, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रेल बजट में क्षमता विस्तार, सुरक्षा पर ध्यान देंगे प्रभु

By Sachin MishraEdited By:
Published: Wed, 24 Feb 2016 08:41 AM (GMT+05:30)Updated: Wed, 24 Feb 2016 08:44 AM (GMT+05:30)

रेल मंत्री सुरेश प्रभु गुरुवार को रेल बजट पेश करने वाले हैं। उम्मीद की जा रही है कि इस बार ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। रेल मंत्री सुरेश प्रभु गुरुवार को रेल बजट पेश करने वाले हैं। उम्मीद की जा रही है कि इस बार रेल सेक्टर में बड़े पैमाने पर क्षमता विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके लिए खर्च में करीब 1.25 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी की जाएगी।

रेल महकमे के सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था में बेहतरी लाने, इलेक्ट्रिफिकेशन, यार्ड्स को दोगुना करने और उनके आधुनिकीकरण के लिए अच्छी-खासी रकम की व्यवस्था की जाएगी। एक सूत्र ने बताया कि रेलवे केवल उन्हीं प्रोजेक्ट पर काम शुरू करेगी, जो आर्थिक तौर पर व्यवहारिक हों। जो प्रोजेक्ट आर्थिक तौर पर व्यवहारिक नहीं हैं, लेकिन जो अर्थव्यवस्था और जनता के लिए जरूरी हैं, उनका काम राज्य सरकारों के साथ संयुक्त उपक्रमों के जरिए पूरा किया जाएगा।

रेलवे की माली हालत सुधारने के लिए इस बार सुरेश प्रभु खर्च घटाने और आय बढ़ाने पर जोर दे सकते हैं। बजट में आमदनी के मुकाबले खर्च यानी ऑपरेटिंग रेश्यो अगले कारोबारी साल के लिए 90 फीसदी तक रखने का एलान किया जा सकता है।

सूत्रों के मुताबिक, रेल बजट में साल 2016-17 के लिए 90 फीसदी ऑपरेटिंग रेश्यो का लक्ष्य रखा जा सकता है, जबकि 2015-16 में 92 फीसदी ऑपरेटिंग रेश्यो था। 90 फीसदी ऑपरेटिंग रेश्यो का मतलब 100 रुपये की आय में से 90 रुपये खर्च होना है। मौजूदा वित्त वर्ष की पिछली तिमाही में ऑपरेटिंग रेश्यो 100 से ऊपर निकल गया था। फिलहाल, पांचवें के मुकाबले सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों की वजह से खर्च बढ़ने के कारण दबाव भी बढ़ेगा।

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