यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 26, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अन्नाद्रमुक की अपील, 2019 चुनावों तक ऑटो-पायलट मोड में रहे पार्टी
29 दिसंबर को होने वाली पार्टी महापरिषद की बैठक में केवल तीन दिन शेष हैं, लेकिन शशिकला की ओर से ...और पढ़ें

चेन्नई (जेएनएन)। तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी अन्नाद्रमुक के कार्यकर्ताओं ने 2019 के लोकसभा चुनावों तक पार्टी को ऑटो-पायलट मोड में रखने की अपील की है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि महासचिव के पद को अपनाने से पहले शशिकला समय ले सकती हैं। वे किसी जल्दी में नहीं हैं।
अन्नाद्रमुक के नेतृत्व के लिए शशिकला का नाम आगे करने वाले नेताओं द्वारा अब यह कहा जा रहा है कि 2019 के लोकसभा चुनाव तक पार्टी को ऑटो-पायलट मोड में रखा जा सकता है। ताकि 2019 के आम चुनाव में शशिकला अपनी ताकत का प्रदर्शन कर न सिर्फ पार्टी बल्कि जनता की सहमति के साथ पार्टी का नेतृत्व कर सकें। कुछ सीनियर नेताओं का मानना है कि बिना महासचिव के पार्टी अधिक समय तक नहीं रह सकती।
वहीं कुछ पार्टी नेताओं का मानना है कि इतने लंबे समय तक किसी पार्टी का नेतृत्व के बगैर रहना संभव नहीं है। अन्नाद्रमुक के प्रवक्ता धीरन ने कहा, 'एक पार्टी बिना महासचिव इतने लंबे समय तक नहीं चल सकती है। पार्टी के संचालन के लिए पार्टी महासचिव का होना आवश्यक है।
29 दिसंबर को होने वाली पार्टी की महापरिषद की बैठक में केवल तीन दिन शेष हैं, लेकिन शशिकला की ओर से अभी तक पार्टी नेतृत्व को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं की मांग का जवाब नहीं दिया गया है। पार्टी को ऑटो-पायलट पर रखना शशिकला के भविष्य के लिए सही नहीं हैं। पार्टी के अनिश्चित भविष्य पर चिंता जताते हुए अन्नाद्रमुक के सदस्य ने कहा, इस तरह की अनिश्चितता आगे नहीं जा सकती, चिनम्मा को नियंत्रण अपने हाथों में लेना होगा।
