यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 05, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
चोगम पर सरकार में मतभेद
राष्ट्रमंडल देशों के प्रमुखों के सम्मेलन (चोगम) की तारीख नजदीक आने के साथ तमिल हितैषी संगठनों का विरोध प्रदर्शन तो ...और पढ़ें

चेन्नई। राष्ट्रमंडल देशों के प्रमुखों के सम्मेलन (चोगम) की तारीख नजदीक आने के साथ तमिल हितैषी संगठनों का विरोध प्रदर्शन तो तेज और तीखा होता ही जा रहा है। केंद्र सरकार में भी इस मुद्दे पर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। चोगम से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के दूर रहने की मांग के समर्थन में सोमवार को दो केंद्रीय मंत्री जयंती नटराजन और वी नारायणसामी खुलकर उतर आए। दोनों केंद्रीय नेताओं ने प्रधानमंत्री से चोगम में शिरकत न करने की अपील की है।
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केंद्रीय मंत्री जयंती नटराजन ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों के साथ हो रहे अत्याचार और उनसे लोगों की गहरी संवेदना को देखते हुए प्रधानमंत्री को सम्मेलन में शिरकत करने श्रीलंका किसी सूरत में नहीं जाना चाहिए। उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री से मिलकर आग्रह करने की बात कही।
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री वी नारायणसामी ने कहा कि तमिलनाडु से चुनकर आने वाले अधिकांश कांग्रेसी सांसद व केंद्रीय मंत्री नहीं चाहते हैं कि प्रधानमंत्री चोगम में शिरकत करें। कुछ मंत्री इस संबंध में दबाव बनाने के लिए प्रधानमंत्री से मुलाकात भी कर चुके हैं। नारायणसामी ने बताया कि उन्होंने पीएम से श्रीलंका में हो रहे सम्मेलन में भागीदारी न करने का आग्रह किया है।
गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री जीके वासन पहले से ही प्रधानमंत्री से इस सम्मेलन से दूर रहने की मांग कर रहे हैं।
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