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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 18, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत के तेल प्रतिष्ठानों को आतंकी बना सकते हैं निशाना: IB

By Lalit RaiEdited By:
Published: Tue, 18 Oct 2016 11:33 AM (IST)Updated: Tue, 18 Oct 2016 12:45 PM (IST)

भारत के तेल प्रतिष्ठानों पर आतंकी हमला हो सकता है। आइबी ने तेल कंपनियों से सुरक्षा व्यवस्था और पुख्ता करने को कहा है।

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नई दिल्ली(जेएनएन)। भारतीय तेल प्रतिष्ठानों पर आतंकी हमला कर सकते हैं। इस सिलसिले में आइबी ने पेट्रोलियम मंत्रालय को सलाह दी है कि वो राजस्थान, गुजरात और पंजाब के तेल प्रतिष्ठानों की पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित करें। खुफिया एजेंसी आइबी के मुताबिक पाक स्थित एजेंट्स छद्म नामों के जरिए तेल प्रतिष्ठानों की जानकारियां जुटा रहे हैं। आइबी का कहना है कि उड़ी हमला और सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाक से जुड़े राज्यों के तेल प्रतिष्ठानों पर आतंकी हमले का खतरा बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि आतंकी पाइप लाइन को उड़ाकर बड़ी तबाही फैला सकते हैं।

आइबी ने हाल ही में कुछ टेलीफोनिक बातचीत को पकड़ा है, जिसमें पाकिस्तानी एजेंट्स अपने आप को रॉ का बड़ा अधिकारी बताकर तेल प्रतिष्ठानों के अधिकारियों से जानकारी प्राप्त करते हैं।इस तरह की जानकारी के मिलने के बाद इंडियन ऑयल से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि तेल प्रतिष्ठान पूरी तरह सुरक्षित हैं। लेकिन खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के बाद सुरक्षा को और पुख्ता किया जा रहा है।

पाक सीमा से सटे गुजरात में रिलायंस इंडस्ट्रीज की 60 मिलियन टन पर एनम की रिफाइनिंग काम्प्लेक्स है।इसके अलावा एस्सार समुह का 20 मिलियन टन का प्लांट है। गुजरात में ही इंडियन ऑयल का 14 मिलियन टन की रिफाइनरी है। पंजाब में एचपीसीएल का 9 मिलियन टन का प्लांट है। देश के क्रूड ऑयल का एक चौथाई राजस्थान के बाड़मेर में है। केयर्न इंडिया बाड़मेर ऑयल फील्ड को संचालित करती है।

गौरतलब है कि ऑयल प्लांट और पाइप लाइन की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआइएसएफ के हवाले है। जानकारों का कहना है कि ऑयल प्लांट की सुरक्षा से ज्यादा खतरा पाइप लाइन को होता है क्योंकि इनकी सतत निगरानी संभव नहीं है। इसके अलावा ऑयल कंपनियों के पास पाइप लाइन की सुरक्षा के लिए कोई खास व्यवस्था नहीं है।