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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 31, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

संसद ही ले सकती है अनुच्छेद 370 पर कोई फैसलाः सुप्रीम कोर्ट

By Abhishek Pratap SinghEdited By:
Published: Sat, 31 Oct 2015 10:28 AM (IST)Updated: Sat, 31 Oct 2015 01:46 PM (IST)

हाल ही में जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने कहा था कि अनुच्छेद 370 संविधान का स्थाई प्रावधान है और इसके साथ कोई ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। हाल ही में जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने कहा था कि अनुच्छेद 370 संविधान का स्थाई प्रावधान है और इसके साथ कोई छेड़छाड़ नहीं कर सकता है। इस बारे में देश की शीर्ष अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि इस बारे में संसद ही कोई फैसला कर सकती है।

दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद-370 को संविधान से हटाने की गुहार संबंधी याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि अनुच्छेद-370 को हटाने का निर्णय सिर्फ संसद ले सकती है। चीफ जस्टिस एचएल दत्तू की अध्यक्षता वाली पीठ ने दोटूक कहा कि अदालत इस तरह का निर्देश नहीं दे सकती।

याचिका आंध्र प्रदेश के वकील बीपी यादव द्वारा दाखिल की गई है। याचिकाकर्ता ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से दखल देने की गुहार की थी। पीठ ने कहा कि अगर कोई प्रावधान असंवैधानिक है तो हम उसे निरस्त कर सकते हैं लेकिन हम संसद को प्रावधान हटाने के लिए नहीं कह सकते।

यह काम संसद को ही करना चाहिए। पीठ ने याचिकाकर्ता से कहा कि अगर वह इस मामले को आगे ले जाना चाहते हैं तो बेहतर याचिका दाखिल करें।