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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 22, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मेट्रो स्टेशन नहीं, ओपन थियेटर बोलिए जनाब

By anand rajEdited By:
Published: Sat, 22 Nov 2014 08:46 AM (IST)Updated: Sat, 22 Nov 2014 09:21 AM (IST)

मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन के बाहरी परिसर को दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) ने आकर्षक रूप दिया है। बड़े आकार ...और पढ़ें

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नई दिल्ली (नेमिष हेमंत)। मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन के बाहरी परिसर को दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) ने आकर्षक रूप दिया है। बड़े आकार में फैले परिसर को आप ओपन थियेटर कह सकते हैं। चौतरफा हरियाली के बीच जगह-जगह बैठने के लिए सीमेंट की आकर्षक सीटें बनाई गई है। वहीं इनके बीच में सीढ़ीनुमा आकार देकर अलग से लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है, जो ओपन थियेटर सा आभास देता है। वहीं स्टेशन के बाहर लगे पुराने जमाने के लैंप और खिड़कियों के शीशे इसके आकर्षण को और बढ़ा देती है।

केंद्रीय सचिवालय-मंडी हाउस रूट के निर्माण के बाद हाल ही में मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-3 व 4 को चालू किया गया है। डीएमआरसी के मुताबिक, मंडी हाउस को कला के बड़े केंद्र के रूप में जाना जाता है। यहां पहले से ही कई बड़े थियेटर हैं, जिसके कारण यहां रोजाना सैकड़ों कलाकारों की आवाजाही होती है। ऐसे में इस मेट्रो स्टेशन के बाहर के परिसर को भी कलात्मक मिजाज में रंगने की कोशिश की गई है। इसे कुछ ऐसा रूप दिया गया है, जिससे यहां आए कलाकारों को कुछ वक्त साथ बैठने के लिए यहां-वहां भटकना न पड़े, बल्कि सुकून से बैठ सकें। अधिकारियों का कहना है कि यह नजारा दिल्ली-एनसीआर के किसी मेट्रो के बाहरी परिसर में नहीं मिलेगा। बता दें कि मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन के आसपास राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी), श्रीराम कला सेंटर, कमानी सभागार, त्रिवेणी कला संगम और भारतीय कला केंद्र मौजूद हैं। इनमें देश-विदेश के कलाकार जहां अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं वहीं देसी-विदेशी दर्शक भी विश्वप्रसिद्ध नाटकों को देखने जुटते हैं। इसके साथ ही नामी साहित्यकारों, चित्रकारों, फिल्म कलाकारों का यहां आना-जाना होता है।

मीटिंग प्वाइंट के तौर पर उभारा

डीएमआरसी अधिकारियों के मुताबिक, अमूमन अधिकतर मेट्रो स्टेशन के गेट सीधे सड़क पर खुलते हैं, जहां गाड़ियों और लोगों का रेला होता है, लेकिन यहां ऐसा नहीं मिलेगा। मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन के बाहर सड़क और गेट के बीच में दूरी है और उस दूरी को मीटिंग प्वाइंट के तौर पर उभारा गया है।

लगाए गए आकर्षक पेड़-पौधे

स्टेशन से बाहर निकलने पर गेट नंबर- तीन व चार के बीच में हरित क्षेत्र स्वागत करते हुए मिलता है। इसके अलावा बाहर बस स्टॉप के फुटपाथ के किनारे भी हरित पट्टी को विकसित किया गया है। इसमें कई आकर्षक पेड़-पौधे लगाए गए हैं, जो अलग ही एहसास देते हैं।

मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन के बाहरी परिसर में कला मिजाज की झलक देखने को मिलेगी। क्योंकि मंडी हाउस कला के एक बड़े केंद्र के रूप में है। इसलिए डीएमआरसी की कोशिश रही कि इसके बाहरी परिसर को भी ऐसा रूप दिया जाए, जो कलाकारों के बैठने के मुख्य स्थल के तौर पर उभरे।

-अनुज दयाल, प्रवक्ता, डीएमआरसीमंडी

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