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'पाक-चीन के बीच कोई सीमा नहीं', PoK पर भारत का कड़ा रुख; कहा- नाटकबाजी बंद करे पाकिस्तान

Published: Wed, 16 Sep 2026 08:14 PM (IST)

भारत ने तथाकथित पाकिस्तान-चीन सीमा संयुक्त आयोग को कानूनी आधारहीन बताते हुए खारिज कर दिया है।

भारत ने तथाकथित पाकिस्तान-चीन सीमा संयुक्त आयोग को कानूनी आधारहीन बताया

भारत ने तथाकथित पाकिस्तान-चीन सीमा संयुक्त आयोग को कानूनी आधारहीन बताया

HighLights

  1. भारत ने तथाकथित पाकिस्तान-चीन सीमा संयुक्त आयोग को कानूनी आधारहीन बताया

  2. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग हैं

  3. भारत ने 1963 के चीन-पाकिस्तान सीमा समझौते को कभी मान्यता नहीं दी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत ने बुधवार को तथाकथित पाकिस्तान-चीन सीमा संयुक्त आयोग को खारिज कर दिया। भारत ने कहा कि इसका कोई कानूनी आधार नहीं है साथ ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को भारत का अभिन्न अंग बताया गया।

मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'हमने इस बारे में खबरें देखी हैं। इस मामले पर हमारा रुख साफ और एक जैसा रहा है। पाकिस्तान और चीन के बीच कोई सीमा नहीं है। हम तथाकथित संयुक्त आयोग को खारिज करते हैं, जिसका कोई कानूनी आधार नहीं है।'

पाक-चीन के बीच कोई सीमा नहीं: MEA

विदेश मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग रहे हैं और हमेशा रहेंगे। मंत्रालय ने आगे कहा, 'पाकिस्तान को भारतीय क्षेत्र के संबंध में कोई भी समझौता करने का कोई अधिकार नहीं है, जो उसके अवैध और जबरन कब्जे में है।'

भारत ने यह भी दोहराया कि उसने 1963 के तथाकथित 'चीन-पाकिस्तान सीमा समझौते' को कभी मान्यता नहीं दी है और हमेशा यही कहा है कि यह अवैध और अमान्य है।

विदेश मंत्रालय ने कहा, 'हम इन कब्जे वाले इलाकों की स्थिति बदलने या कब्जे को वैध बनाने की किसी भी कोशिश का विरोध और खंडन करते हैं, क्योंकि इससे भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर आंच आती है।'

 कब्जा तुरंत खाली करे पाक: MEA

विदेश मंत्रालय की ओर से यह भी कहा गया कि भारतीय इलाकों को लेकर चीन और पाकिस्तान के बीच किसी भी तरह का तथाकथित सीमा सहयोग पूरी तरह से अस्वीकार्य होगा। इन इलाकों पर भारत की संप्रभुता पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।

विदेश मंत्रालय ने कहा, 'इस तरह के दिखावे के बजाय, हम पाकिस्तान से मांग करते हैं कि वह उन इलाकों को तुरंत खाली करे जिन पर उसने गैर-कानूनी और जबरन कब्जा कर रखा है।'

हाल के वर्षों में, चीन ने भारत के साथ 'लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल' (LAC) पर सैन्य दबाव बनाए रखा है। दोनों देशों के बीच 3488 किलोमीटर लंबी सीमा के तीनों सेक्टरों में सीमा उल्लंघन और बिना इजाजत घुसपैठ की खबरें आती रही हैं।

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के काराकोरम इलाके में सीमा पर चीन और पाकिस्तान के बीच तालमेल उस इलाके पर भारत के ऐतिहासिक और कानूनी दावों पर भी असर डालता है।

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