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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 19, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सपा नेता को गुनाह की माफी है?

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Published: Thu, 19 Sep 2013 09:15 PM (GMT+05:30)Updated: Thu, 19 Sep 2013 09:19 PM (GMT+05:30)

शासन-प्रशासन का भेदभावपूर्ण रवैया दंगों के बाद भी जारी है। दंगों में नामजद नेताओं में सपा के पूर्व प्रदेश सचिव ...और पढ़ें

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मुजफ्फरनगर [जासं]। शासन-प्रशासन का भेदभावपूर्ण रवैया दंगों के बाद भी जारी है। दंगों में नामजद नेताओं में सपा के पूर्व प्रदेश सचिव राशिद सिद्दिकी का कोई जिक्र नहीं है। बसपा सांसद कादिर राना व जिन अन्य नेताओं पर कवाल की वारदात के बाद 30 अगस्त को भड़काऊ भाषण देने का आरोप है, उस सभा में राशिद की मौजूदगी पर प्रदेश सरकार ने आंख मूंद ली।

दंगों के लिए जिन नेताओं के खिलाफ वारंट जारी किया गया उस सूची में भाजपा से लेकर बसपा, कांग्रेस और भारतीय किसान यूनियन के नेता तक के नाम हैं, सरकार ही अपने नेता की ढाल बन गई और तमाम तथ्यों को नजरअंदाज कर प्रशासन के माध्यम से राशिद सिद्दिकी को खुद ही पाक-साफ करार दिया है। जबकि सच्चाई यह है कि 30 अगस्त को शहीद चौक पर जो पंचायत हुई, उसमें आयोजन से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने तक में राशिद की सक्रियता स्पष्ट दिखती है। मुख्यमंत्री के ताजा मुजफ्फरनगर दौरे में भी राशिद उनके साथ थे।

दंगा प्रकरण में 16 के खिलाफ वारंट जारी होने और इसमें से सपा सचिव राशिद सिद्दिकी के नाम को अलग रखने से राजनैतिक दलों ने भी सरकार पर हमला बोलना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि इसी तरह के पक्षपात से आग लगी, लेकिन सरकार का पक्षपात अभी जारी है।

किस सभा में कौन था हाईप्रोफाइल

शहीद चौक की पंचायत - सांसद कादिर राना, पूर्व सांसद सईदुज्जमा, उनके पुत्र सलमान सईद, बसपा विधायक नूर सलीम राना, मीरापुर के विधायक मौलाना जमील, सपा के सचिव राशिद सिद्दिकी, सभासद असद जमा, पूर्व सभासद नौशाद कुरैशी, कारोबारी एहसान कुरैशी।

नंगला मंदौड़ की महापंचायत - चौ. नरेश टिकैत, चौ. राकेश टिकैत, विधायक हुकुम सिंह, विधायक संगीत सोम, विधायक कुंवर भारतेंद्र, विधायक सुरेश राणा, साध्वी प्राची, स्वामी ओमवेश, बाबा हरकिशन सिंह मलिक, अजित राठी, हरपाल सिंह, मास्टर चंद्रपाल, बिट्टू आदि।

शहीद चौक पर सभा करने वाले कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है, जबकि सैकड़ों अज्ञात हैं। वीडियो की जांच कराई जा रही है। जांच में नाम सामने आने पर कार्रवाई होगी। -प्रवीण कुमार, एसएसपी

भाषणों की सीडी देखकर अज्ञात लोग नामजद किए जाएंगे। आठ नामजदों के वारंट हुए हैं। शेष अज्ञात लोगों में से नामजदगी तरमीम की जाएगी। कोई भी शख्स कानून के शिकंजे से नहीं बचेगा। चाहे वो राशिद सिद्दीकी ही क्यों न हों। -कौशलराज शर्मा, डीएम

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