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नदियों-तालाबों में सीवेज छोड़ा तो राज्य होंगे जवाबदेह, NGT ने MP-छत्तीसगढ़ और राजस्थान से मांगी रिपोर्ट

Published: Tue, 27 Oct 2026 11:56 PM (IST)

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान से नदियों तथा तालाबों में अनुपचारित सीवेज छोड़ने पर रिपोर्ट मांगी है।

एनजीटी ने मप्र, छत्तीसगढ़, राजस्थान से सीवेज रिपोर्ट मांगी

एनजीटी ने मप्र, छत्तीसगढ़, राजस्थान से सीवेज रिपोर्ट मांगी

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मप्र, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के शहरों से निकलने वाले सीवेज के उपचार के लिए पर्याप्त क्षमता नहीं है। इसके अलावा कई घर अब भी सीवेज नेटवर्क से नहीं जुड़े हैं।

इस पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने तीनों राज्यों से सीवेज को नदियों, तालाबों और झीलों में पहुंचने से रोकने और उसके उपचार की व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।

अधिकरण ने स्पष्ट किया कि बिना उपचारित सीवेज को जलस्रोतों या खुले स्थानों में छोड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती। राज्यों को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण से लेकर उनके पूरी क्षमता से संचालन और उपचारित पानी के दोबारा उपयोग तक की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।

(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)