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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 12, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दूषित पेयजल को लेकर उप्र व केंद्र सरकार को एनजीटी का नोटिस

By Sanjay BhardwajEdited By:
Published: Wed, 12 Nov 2014 01:38 PM (IST)Updated: Wed, 12 Nov 2014 02:01 PM (IST)

नेशनल ग्रीन ट्रिब्‍यूनल ने दूषित भूजल के पीने से पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश में कैंसर जैसी बीमारी के खतरे को लेकर ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने दूषित भूजल के पीने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कैंसर जैसी बीमारी के खतरे को लेकर उत्तर प्रदेश व केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली ट्रिब्यूनल ने गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) जय हिंद की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि मामला काफी गंभीर है। कोर्ट ने उप्र व केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है।

कोर्ट ने कहा कि यह सरकार का उत्तरदायित्व है कि वह लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराए। यदि दूषित पानी की वजह से लोगों कैंसर जैसे जानलेवा रोग से प्रभावित हो रहे हैं तो यह दुखद है। कोर्ट मामले की अगली सुनवाई 17 दिसंबर को करेगा।

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