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जवान की विधवा ने सीआरपीएफ पर निकाली भड़ास

'मेरे पति के साथ पशुओं जैसा व्यवहार हुआ। उनके शव को ढकने के लिए कपड़े तक का इस्तेमाल नहीं किया गया। क्या किसी अधिकारी के शव के साथ भी ऐसा ही किया जाता?' यह सीआरपीएफ जवान की विधवा का दर्द है।

By Sachin MishraEdited By: Published: Wed, 30 Mar 2016 08:01 PM (IST)Updated: Wed, 30 Mar 2016 08:08 PM (IST)

अलप्पुझा। 'मेरे पति के साथ पशुओं जैसा व्यवहार हुआ। उनके शव को ढकने के लिए कपड़े तक का इस्तेमाल नहीं किया गया। क्या किसी अधिकारी के शव के साथ भी ऐसा ही किया जाता?' यह सीआरपीएफ जवान की विधवा का दर्द है। महिला लिनी का कहना है कि उसका पति सिर्फ एक जवान था, इसीलिए उसके शव का ऐसा तिरस्कार किया गया।

गौरतलब है कि केरल के चिंगोली के रहने वाले 33 वर्षीय जवान अनिल अचेनकुंजु की मौत छत्तीसगढ़ में पिछले हफ्ते पानी की टंकी में डूबने से हुई थी। शनिवार को उनका शव केरल लाया गया, जिसे प्लास्टिक के कवर में लपेटा गया था। लिनी ने शव के तिरस्कार के लिए सीआरपीएफ अधिकारियों के साथ गृह मंत्रालय को भी दोषी ठहराया। केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्नीथला ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के समक्ष रखा है।

गृह मंत्रालय ने जांच पूरी होने के बाद जरूरी कार्रवाई का भरोसा दिया है। चेन्नीथला ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मृतक मेरे निर्वाचन क्षेत्र से था। वह अपने परिवार में इकलौता कमाने वाला था। राज्य सरकार अपने कर्तव्य का निर्वहन करेगी।

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