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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 14, 2012 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मोहन भागवत ने एफडीआइ को नकारा

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Published: Sun, 14 Oct 2012 08:14 PM (IST)Updated: Sun, 14 Oct 2012 08:20 PM (IST)

फरीदाबाद [मुख्य संवाददाता]। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने केंद्र सरकार की खुदरा व्यापार में प्रत्यक्ष पूंजी निवेश [एफडीआइ] की मंजूरी को ...और पढ़ें

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फरीदाबाद [मुख्य संवाददाता]। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने केंद्र सरकार की खुदरा व्यापार में प्रत्यक्ष पूंजी निवेश [एफडीआइ] की मंजूरी को सिरे से नकार दिया है। सर संघ चालक डॉ. मोहन भागवत ने रविवार सुबह फरीदाबाद के सेक्टर-16 ए स्थित दशहरा मैदान में संघ समागम को संबोधित किया। उन्होंने एफडीआइ को सामान्य व्यापारियों के प्रतिकूल बताया और कहा कि इससे देश में विदेशी कंपनियों का वर्चस्व बढ़ेगा। संघ प्रमुख ने देश की मौजूदा आंतरिक सुरक्षा को खतरा बताते हुए हिन्दू समाज से संगठित होने की अपील की। उन्होंने कहा कि अब हिन्दू समाज के संगठित होने पर ही समस्याओं का समाधान होगा। इसके बाद अपने उद्बोधन में संघ प्रमुख ने कहा कि चीन और पाकिस्तान की कारगुजारियों से जहां देश की सीमा को खतरा है, वहीं बांग्लादेशी घुसपैठिये देश की आंतरिक सुरक्षा में सेंध लगा रहे हैं।

उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की सेना व पुलिस आंतरिक व बाह्य सुरक्षा बंदोबस्त कर सकती है मगर कोई उनका मनोबल नहीं बढ़ाता। पत्रकारों ने अरविंद केजरीवाल द्वारा उठाए गए भ्रष्टाचार के मुद्दों पर जब संघ प्रमुख से प्रतिक्रिया मांगी तो उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के पास जाने की सलाह दी। इससे पूर्व सरसंघचालक ने स्वयंसेवकों का शारीरिक प्रदर्शन देखा। महानगर के सह संघचालक डॉ.अरविंद सूर ने संघ प्रमुख का परिचय दिया। भागवत के साथ मंच पर प्रांतीय संघचालक मेजर करतार सिंह भी मौजूद थे।

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