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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 10, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कांग्रेस ने माना मोदी बने चुनौती

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Published: Sun, 10 Nov 2013 09:47 PM (GMT+05:30)Updated: Mon, 11 Nov 2013 05:21 AM (GMT+05:30)

कांग्रेस कोर ग्रुप के अहम सदस्य, सरकार के खास रणनीतिकार और वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने स्वीकार किया है कि ...और पढ़ें

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पणजी। कांग्रेस कोर ग्रुप के अहम सदस्य, सरकार के खास रणनीतिकार और वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने स्वीकार किया है कि भाजपा के पीएम प्रत्याशी नरेंद्र मोदी अगले आम चुनाव में कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती हैं। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के चुनावी रैलियों में देश के बड़े मुद्दों पर नहीं बोलने को लेकर एतराज भी जताया। साथ ही स्वीकार किया सरकार के प्रति मतदाताओं का रुझान नकारात्मक हुआ है। खास बात यह है कि चिदंबरम के बयान पर अब तक कांग्रेस की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, जबकि कुछ दिन पहले जब केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने ऐसी ही बात कही थी, तो सत्यव्रत चतुर्वेदी सहित तमाम कांग्रेसी उन पर बरस पड़े थे।

अब तक मोदी को राक्षस, दानव और मनोरोगी बताने वाली कांग्रेस सार्वजनिक तौर पर उन्हें चुनौती मानने लगी है। इसकी नजीर 'थिंक फेस्ट' में रविवार को दिए चिदंबरम के बयान से झलकती है। कार्यक्रम में वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने माना कि मोदी अगले आम चुनाव में कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती हैं। और एक पार्टी के तौर पर उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। चिदंबरम इससे पहले भी मोदी की तारीफ करते हुए कह चुके हैं कि भाजपा नेता भले ही मोदी पर बंटे हुए हैं, लेकिन उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट किया है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया था कि शहरी युवा मोदी से काफी प्रभावित हैं। साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि संप्रग के दूसरे कार्यकाल में आर्थिक वृद्धि की रफ्तार घटने, भ्रष्टाचार के आरोपों, जारी जांचों, महंगाई और रोजगार में कमी के कारण सरकार के प्रति मतदाताओं का रुझान नकारात्मक हुआ है। अगर मुझे यह सब दिखाई नहीं दे रहा तो मैं अंधा हूं। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई सरकार इससे उबर सकती है।

तीन दिवसीय 'थिंक फेस्ट' में राजनीति, कारोबार, खेल, सिनेमा, मीडिया और धर्म से जुड़ी दुनिया भर की बड़ी हस्तियां शिरकत कर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करती हैं। कार्यक्रम के दौरान बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन ऑस्कर विजेता हॉलीवुड अभिनेता रॉबर्ट डी नीरो से मुलाकात कर चुके हैं।

कार्यक्रम के दौरान हालांकि, चिदंबरम ने यह भी कहा कि वह व्यक्तिगत तौर पर मोदी द्वारा रैलियों में इस्तेमाल की जा रही भाषा, विचारधारा और सिद्धांतों को लेकर चिंतित हैं। वह अपने भाषणों में बड़े मुद्दों पर बात नहीं करते। वह सिर्फ और सिर्फ चुनावी वादे कर रहे हैं। कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी की प्रधानमंत्री उम्मीदवारी पर कहा, 'पार्टी नेता और कार्यकर्ता यही चाहते हैं कि संप्रग के सत्ता में आने पर पार्टी उपाध्यक्ष ही सरकार का नेतृत्व करें।' वहीं, व्यक्तिगत तौर पर उनका भी मानना है कि नेतृत्व युवाओं के हाथों में सौंपने का समय आ गया है। उनके मुताबिक ऐसे युवा नेता पर्याप्त संख्या में मौजूद हैं, जो सरकार में हिस्सेदार बनकर देश को सुशासन उपलब्ध करा सकते हैं। इस दौरान चिदंबरम ने कहा कि राहुल गांधी विभिन्न रैलियों में काफी कुछ बोल रहे हैं, लेकिन अगर वह उनके सलाहकार होते तो सार्वजनिक मंच से उन्हें देश के बड़े मुद्दों पर अपनी राय रखने को कहते।

प्रधानमंत्री सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बड़े मुद्दों पर खामोश रहने के सवाल पर चिदंबरम ने कहा, 'पीएम सार्वजनिक मंच से बोल रहे हैं और प्रेस से भी बात कर रहे हैं। हालांकि, यह मेरी उम्मीद के मुताबिक नहीं हो पा रहा। आप उनके बयानों से सहमत या असहमत हो सकते हैं, लेकिन निश्चित तौर पर वह बड़े मुद्दों पर बोल रहे हैं।' इस दौरान उन्होंने देश में गरीबी का ठीकरा सामाजिक कार्यकर्ताओं के सिर फोड़ दिया। उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ताओं के कारण बिजली संयंत्र, कोयला खदान और बांध जैसी गरीबी हटाने में मददगार परियोजनाएं अटकी पड़ी हैं। देश से गरीबी हटाने से ज्यादा महत्वपूर्ण कुछ भी नहीं है। उन्होंने परियोजनाओं में रुकावट डालने वाले लोगों से सवाल किया कि क्या उनके काम से गरीबी हट सकती है।

'राजनीतिक दल के तौर पर हम यह मानते हैं कि मोदी बड़ी चुनौती हैं। वह मुख्य विपक्षी पार्टी के प्रधानमंत्री उम्मीदवार हैं। हमें उन पर गौर करना ही होगा।'

-पी. चिदंबरम, वित्त मंत्री

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