यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 17, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गैंग रेप के बाद किशोरी को मरा समझ सड़क पर फेंका
भागलपुर, हमारे प्रतिनिधि। दिल्ली सामूहिक दुष्कर्म के दोषियों को फांसी की सजा भी शायद दुष्कर्मियों के मन में भय नहीं ...और पढ़ें

भागलपुर, हमारे प्रतिनिधि। दिल्ली सामूहिक दुष्कर्म के दोषियों को फांसी की सजा भी शायद दुष्कर्मियों के मन में भय नहीं पैदा कर सकी। भागलपुर में रविवार की देर रात जगदीशपुर निवासी अनाथ व नाबालिग किशोरी सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हो गई। 16 वर्षीय इस किशोरी को दुष्कर्मी मरा समझ कर जगदीशपुर के समीप एक पेड़ के नीचे फेंक गए। सोमवार सुबह लड़की को कराहते देख स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। जगदीशपुर पुलिस ने लड़की को इलाज के लिए जगदीशपुर अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से उसे इलाज एवं मेडिकल जांच के लिए मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना से बदहवास व डरी किशोरी दुष्कर्मियों का सही नाम व पता नहीं बता पा रही है। बार-बार दोहराती है कि वह जहां काम करती वहीं उसके साथ दुष्कर्म हुआ। किशोरी के इलाज में भागलपुर में तीन घंटे तक लापरवाही बरती गई। मायागंज अस्पताल में उसका इलाज करने के बदले उसे सदर अस्पताल भेज दिया गया। किशोरी को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाए जाने के दौरान वहां तैनात महिला चिकित्सक डॉ. अनुपमा ने अधूरे कागजात का हवाला देकर इलाज नहीं किया। बाद में ड्यूटी पर आई डॉक्टर शिल्पी ने किशोरी का इलाज किया। मेडिकल जांच की प्रक्रिया पूरी की।
किशोरी ने बताया कि कोल्ड डि्रंक में शराब मिलाकर उसकी अस्मत लूटी गई है। जगदीशपुर थाने के प्रभारी थानाध्यक्ष तारणी प्रसाद ठाकुर ने किशोरी का बयान दर्ज किया है। सिटी डीएसपी वीणा कुमारी, महिला थानाध्यक्ष रीता कुमारी ने भी पीड़िता का बयान दर्ज किया है। किशोरी ने बताया कि वह पांच साल की उम्र से ही भागलपुर में एक व्यवसायी के घर पर दाई का काम करती है। व्यवसायी का घरेलू नाम मिट्ठू सेठ है। उसके माता-पिता ने ही उसे मिट्ठू के यहां काम करने भेजा था। उसके माता-पिता की मौत हो चुकी है। दो भाई हैं। एक दिल्ली में रहता है, दूसरा मजदूरी करता है।
अचेत रहने के कारण किशोरी अपने साथ हुई घटना की जानकारी तो दे रही है मगर अपने नियोक्ता का पता नहीं बता पा रही है। किशोरी ने बताया कि वह जहां काम करती है उस घर की मालकिन का नाम अंजना देवी है। किशोरी के अनुसार उसके नियोक्ता ने उसे 10 साल से कैद कर रखा था। उसे बाहर नहीं निकलने दिया जाता था। सेठ के आदमी अक्सर उसके साथ गलत काम करते थे। रविवार रात सेठ की मौजूदगी में उनके चार परिचित आए। सेठ ने उनके साथ उसे भी कोल्ड डि्रंक पिलाया। बाद में उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान वह दर्द से कराहती रही। बाद में बेहोश हो गई। सुबह उसने खुद को पेड़ के नीचे पाया।
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