यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 04, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ममता ने दिए दशहरा के दिन शस्त्र जुलूस निकालने पर रोक के निर्देश
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को साफ कहा कि शस्त्र जुलूस निकालने की अनुमति किसी भी हाल में नही दें।

कोलकाता, राज्य ब्यूरो। दशहरा के दिन पश्चिम बंगाल में किसी को भी हथियार के साथ जुलूस निकालने की इजाजत नहीं दी जाएगी। पुलिस प्रशासन को इस पर सख्त निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। सोमवार को राज्य सचिवालय में प्रशासनिक समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को साफ कहा कि शस्त्र जुलूस निकालने की अनुमति किसी भी हाल में नही दें। अगर इसके बाद भी ऐसा कोई शस्त्र जुलूस निकालता है तो सख्त कार्रवाई करें।
सूत्रों के मुताबिक ममता ने प्रशासनिक बैठक में मौजूद पुलिस व प्रशासन के सभी आला अधिकारियों से कहा कि दशहरा के अगले ही दिन मुहर्रम है। ऐसे में पुलिस को सतर्क रहना होगा कि कहीं किसी तरह की कोई अप्रिय घटना न हो। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने रामनवमी व हनुमान जंयति के मौके पर राज्यभर में शस्त्र जुलूस निकाला था। इसमें भाजपा नेता भी शामिल हुए थे। इसके बाद राज्य की राजनीति गरमा गई थी। कुछ स्थानों पर पुलिस कार्रवाई भी हुई थी। यहां तक कि शस्त्र जुलूस निकालने को लेकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष समेत कई लोगों के खिलाफ थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी। इस बार दशहरा के मौके पर संघ व अन्य हिंदू संगठनों द्वारा शस्त्र पूजा करने की योजना बनाई गई है। वहीं राज्य का पुलिस प्रशासन यदि दशहरा पर शस्त्र जुलूस की अनुमति नहीं देता है तो एक बार फिर राज्य की राजनीति गरम हो सकती है।
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