यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 24, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
डीएम के अपहरण में महिला माओवादी को आजीवन कारावास की सजा
डीएम उस समय नक्सल प्रभावित चित्रकोंडा क्षेत्र में गए थे। अपहरणकर्ताओं ने 24 फरवरी 2011 को जिलाधिकारी को छोड़ दिया था।

मलकानगिरी (ओडिशा), प्रेट्र। पांच साल पहले तत्कालीन जिलाधिकारी आरवी कृष्णा के अपहरण के मामले में महिला नक्सली एम दिव्या उर्फ शांति और एक अन्य व्यक्ति को जिला अदालत ने मंगलवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश बामाशंकर मिश्र ने अपहरण के इस मामले में तपन शा और एम दिव्या को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। शा पूर्व सरकारी कर्मी था और ग्राम रोजगार सेवक के रूप में काम कर रहा था।
जबकि दिव्या माओवादी थी। वहीं सुबूतों के अभाव में कोर्ट ने एक अन्य आरोपी घासीराम पनगी को बरी कर दिया। माओवादियों ने आरवी कृष्णा और उनके साथ रहे जूनियर इंजीनियर पबित्र माझी का 16 फरवरी, 2011 की शाम को अपहरण कर लिया था।
कृष्णा उस समय नक्सल प्रभावित चित्रकोंडा क्षेत्र में गए थे। वह पंचायत स्तर की एक बैठक में भाग लेकर जिला मुख्यालय लौट रहे थे। अपहरणकर्ताओं ने पहले जूनियर इंजीनियर को 22 फरवरी को छोड़ दिया था। बाद में 24 फरवरी को जिलाधिकारी कृष्णा को भी छोड़ दिया गया था।
