यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 23, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
लश्कर आतंकी अब्दुल करीम टुंडा दो मामलों में बरी
आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के बम विशेषज्ञ अब्दुल करीम टुंडा को पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली में हुए दो अलग-अलग बम ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के बम विशेषज्ञ अब्दुल करीम टुंडा को पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली में हुए दो अलग-अलग बम विस्फोट के मामलों में बरी कर दिया है। वर्ष 1997 में करोलबाग व सदर बाजार में हुए बम धमाकों में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे।
इससे पहले अदालत मार्च में टुंडा को आतंकवादी और विघटनकारी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम (टाडा) के एक मामले में भी बरी चुकी है। टुंडा मुंबई में हुए 26/11 के हमले के बाद भारत द्वारा पाकिस्तान से मांगे गए 20 आंतकियों की सूची में भी शामिल था।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रीतेश सिंह ने कहा कि 73 वर्षीय टुंडा पर प्रथमदृष्टया मामले में सुनवाई करने के लिए पर्याप्त सुबूत नहीं है। हालांकि उसे अभी जेल में ही रहना पड़ेगा, क्योंकि उसके खिलाफ दिल्ली की अदालतों में कई मामले विचाराधीन हैं।
1 अक्टूबर, 1997 को सदर बाजार में दो और 28 अक्टूबर, 1997 को करोलबाग में एक बम धमाका हुआ था। टुंडा को भारत-नेपाल बार्डर से 16 अगस्त, 2013 को गिरफ्तार किया था। उस पर देशभर में लगभग 40 आतंकी वारदात में शामिल होने का आरोप है, जिनमें से 22 केस दिल्ली में दर्ज हैं।
