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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 22, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

संजीव चतुर्वेदी का खुलासा, एम्स को नकली दवाएं बेची गई

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Published: Fri, 22 Aug 2014 07:50 PM (IST)Updated: Fri, 22 Aug 2014 07:52 PM (IST)

नई दिल्ली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान [एम्स] के चीफ विजिलेंस ऑफिसर संजीव चतुर्वेदी को हटाने पर आम आदमी पार्टी के ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान [एम्स] के मुख्य सतर्कता अधिकारी [सीवीओ] पद से हटाए गए संजीव चतुर्वेदी ने शुक्रवार को एम्स प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने एम्स में नकली दवाएं बेचे जाने और भ्रष्ट अफसरों द्वारा कुत्तों का इजाज करने के लिए दबाव डाले जाने का भी आरोप लगाया।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा चतुर्वेदी को हटाए जाने के बाद बवाल पैदा हो गया है। चतुर्वेदी ने अब आरोप लगाया है कि कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के संरक्षण वाली अफसरों की भ्रष्ट लॉबी ने उन्हें पद से हटाए जाने में अहम् भूमिका निभाई। उन्होंने आरोप लगाया कि एम्स में नकली दवाएं बेची जाती हैं और कांग्रेस का एक पूर्व विधायक इस गिरोह से जु़़डा है। उन्होंने कहा कि मैंने एक मेडिकल स्टोर छापा डाला था। उसके बाद ही उक्त लॉबी ने मुझे हटाने की साजिश रची।

हरियाणा कैडर के फॉरेस्ट अफसर चतुर्वेदी को जून 2016 तक के लिए एम्स में प्रतिनियुक्ति पर सीवीओ बनाया गया था। उनकी गणना भ्रष्टाचार के खिलाफ संघषर्ष करने वाले अफसरों में होती है। पद से हटाए जाने के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव को पत्र लिखा है। उसमें कहा गया है कि पीएमओ, सिविल सर्विसेस बोर्ड और एम्स एक्ट के दिशा-निर्देशों के विपरीत उन्हें हटाया गया है।