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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 28, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'नक्सली हमला राजनीतिक साजिश, सीबीआइ से कराई जाए जांच'

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Published: Tue, 28 May 2013 01:35 PM (IST)Updated: Tue, 28 May 2013 01:38 PM (IST)

छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली हमले को लेकर अब शक के बादल गहराने लगे हैं। हालांकि केंद्र ने इसकी जांच के ...और पढ़ें

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली हमले को लेकर अब शक के बादल गहराने लगे हैं। हालांकि केंद्र ने इसकी जांच के लिए एनआइए को नियुक्त किया है, लेकिन इस हमले में मारे गए कांग्रेसी नेता महेंद्र कर्मा के बेटे दीपक ने इसकी जांच सीबीआइ से कराने की मांग की है। उन्होंने इसको राजनीतिक साजिश का नतीजा बताया है। वहीं नक्सलियों ने अब कर्मा के परिवार को सात दिनों के अंदर गांव छोड़ देने या अंजाम भुगतने की भी धमकी दे डाली है।

कर्मा के बेटे दीपक कर्मा ने साफ कहा है कि शनिवार को नक्सली घटना नहीं हुई है। यह राजनीतिक साजिश है। अगर केवल महेंद्र कर्मा की मौत होती तो कहा जा सकता था कि यह नक्सली वारदात है। लेकिन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल और दिनेश पटेल की मौत से संदेह गहरा जाता है। इसलिए पूरी घटना की सीबीआई जांच होनी चाहिए। दीपक ने यह मांग केंद्रीय गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह से भी की है।

परिवर्तन यात्रा के तयशुदा कार्यक्रम में अंतिम समय में जो बदलाव किया गया वह भी कई सवालों को खड़ा कर रहा है। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक परिवर्तन यात्रा के तहत कांग्रेस विधायक कवासी लखमा के विधानसभा क्षेत्र (कोंटा) के सुकमा में 22 मई को सभा रखी गई थी। इस दिन सिर्फ यही एक कार्यक्रम तय था। लेकिन बाद में इस मूल कार्यक्रम में दो बड़े बदलाव किए गए। पहला- सुकमा की 22 मई को होने वाली सभा 25 मई को कर दी गई और दूसरा- सुकमा के साथ ही एक और सभा दरभा में भी रख दी गई। और उसी दिन कांग्रेस नेताओं के सुकमा से दरभा जाने के दौरान ही नक्सलियों ने इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया।

उधर नक्सलियों ने महेंद्र कर्मा के परिवार को अपना घर छोड़ कर चले जाने का भी आदेश दिया है। छत्तीसगढ़ के दंतेवाडा जिले के फरसपाल गांव में कर्मा की अंत्येष्टि के दौरान ही नक्सलियों ने यह धमकी दी है। अपनी धमकी में उन्होंने कहा है कि सात दिनों के अंदर वह गांव छोड़कर चले जाएं नहीं तो इसका अंजाम बुरा होगा।

हालांकि कर्मा के बेटे ने इस धमकी को नजरअंदाज करते हुए गांव में रहने का ही फैसला किया है। उनके बेटे ने बताया कि नक्सलियों ने उनके पिता का अंतिम संस्कार नहीं होने देने की चेतावनी भी दी थी। कर्मा के पुत्र छबिंद्र के मुताबिक उनका परिवार पिता के कदमों पर चलते हुए नक्सलियों का सामना करेगा।

सरकार ने दिवंगत कर्मा के परिजनों को मिली धमकियों को देखते हुए उन्हें जेड प्लस श्रेणी और प्रदेश कांग्रेस के दिवंगत अध्यक्ष नंदकुमार पटेल के परिजनों को जेड श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। कर्मा के गांव और पटेल के रायगढ़ जिले में स्थित नंदेली गांव में भी सुरक्षा व्यवस्था बढाई गई है।

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