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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 14, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जानिए, क्यों शरणार्थियों की जिंदगी जीने को मजबूर हैं रोहिंग्या मुसलमान

By Rajesh KumarEdited By:
Published: Thu, 14 Sep 2017 07:30 PM (IST)Updated: Thu, 14 Sep 2017 07:49 PM (IST)

बांग्लादेश में करीब 3 लाख 79 हजार रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थी के तौर पर अपनी जिंदगी जीने को मजबूर है।

जानिए, क्यों शरणार्थियों की जिंदगी जीने को मजबूर हैं रोहिंग्या मुसलमान
जानिए, क्यों शरणार्थियों की जिंदगी जीने को मजबूर हैं रोहिंग्या मुसलमान

नई दिल्ली, [स्पेशल डेस्क]। रोहिंग्या मुस्लिम समुदाय के लोगों को लगातार म्यांमार से भगाया जा रहा है। म्यांमार के रखाइन इलाके में सुरक्षाबलों से झड़प के बाद अब तक सैकड़ों रोहिंग्या मुस्लिम मारे जा चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार रिपोर्ट के मुताबिक रोहिंग्या मुस्लिमों की स्थिति इस वक्त काफी बदतर हो चुकी है। बांग्लादेश में करीब 3 लाख 79 हजार रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थी के तौर पर अपनी जिंदगी जीने को मजबूर है।

दयनीय है रोहिंग्या मुसलमानों की स्थिति
दैनिक जागरण की फेसबुक चर्चा में उर्दू इनकलाब के संपादक शकील हसन शम्सी ने बताया कि रोहिंग्या मुस्लिमों के साथ म्यांमार के बहुसंख्य बौद्धिक लोगों की समस्या काफी पुरानी है और कई सालों से दोनों के बीच संघर्ष चलता आ रहा है। रोहिंग्या मुसलमानों की स्थिति दयनीय उस वक्त हुई जब म्यांमार की सरकार ने वहां उनकी नागरिकता खत्म कर दी। ऐसे में ये अपने देश में होते हुए भी अपने नहीं है। यानि, अपना देश ही इन्हें अपनाने को तैयार नहीं है।

अपना देश नहीं मान रहा है नागरिक
शम्सी ने बताया कि रोहिंग्या मुसलमानों के मरने की संख्या करीब एक हजार से भी ज्यादा हो चुकी है। उन्होंने बताया कि म्यांमार में बाकी मुसलमानों से वहां के स्थानीय लोगों को कोई परेशानी नहीं है अगर किसी से परेशानी है तो वो है रोहिंग्या मुसलमान। उसकी असली वजह है रोहिंग्या समुदाय के कुछ लोगों का आतंकी रुख अख्तियार करना।

भारत में रोहिंग्या मुसलमानों के चलते सुरक्षा को खतरा
जबकि, दैनिक जागरण के एसोसिए एडिटर राजीव सचान ने बताया कि चूंकि इस तरह के इनपुट्स है कि रोहिंग्या मुस्लिमों से लश्कर जैसे आतंकी संगठन के संबंध हैं ऐसी स्थिति में ये भारत की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठता है कि किस तरह से भारत में करीब चालीस हजार रोहिंग्या समुदाय के मुस्लिम आकर बस गए हैं।

दिल्ली से लेकर जम्मू तक बस गए रोहिंग्या मुसलमान
ऐसा कहा जा रहा है कि रोहिंग्या मुसलमान दिल्ली, यूपी, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर में जाकर बस गए हैं। इनकी संख्या के बारे में ऐसा कहा जा रहा है रोहिंग्या मुस्लिमों की तादाद करीब चालीस हजार से ऊपर है। गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि रोहिंग्या मुसलमान गैर अप्रवासी है जिसे वापस भेज दिया जाएगा। इसको लेकर केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा भी दिया है।

रोहिंग्या के समर्थन में बर्मा दूतावास के पास प्रदर्शन
रोहिंग्या समुदाय पर हो रहे अत्याचार को लेकर दिल्ली स्थित बर्मा दूतावास के निकट प्रदर्शन किया गया। हालांकि, प्रदर्शनकारी को चाणक्यपुरी में हो रोक दिया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि रोहिंग्या मुसलमानों को यहां पर रहने की इजाजत दी जाए।


 

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