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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 25, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

डेरा और गुरमीत राम रहीम का विवादों से है पुराना नाता, ये हैं उससे जुड़े प्रमुख विवाद

By Digpal SinghEdited By:
Published: Fri, 25 Aug 2017 09:50 AM (IST)Updated: Tue, 29 Aug 2017 11:10 AM (IST)

डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को साध्वी यौन उत्पीड़न मामले में दोषी करार दिया गया है। असल में डेरा ...और पढ़ें

डेरा और गुरमीत राम रहीम का विवादों से है पुराना नाता, ये हैं उससे जुड़े प्रमुख विवाद
डेरा और गुरमीत राम रहीम का विवादों से है पुराना नाता, ये हैं उससे जुड़े प्रमुख विवाद

नई दिल्ली, [स्पेशल डेस्क]। डेरा सच्चा सौदा के संत बाबा गुरमीत राम रहीम सिंह को साध्वी यौन शोषण मामले में शुक्रवार 25 अगस्त को पंचकुला की विशेष सीबीआई अदालत दोषी करार दिया। सोमवार को अदालत ने उसे 20 साल की सजा सुना दी। दरअसल इस मामले में हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए सितंबर 2002 में सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। सीबीआई ने इस मामले में 31 जुलाई 2007 को आरोप पत्र दाखिल किया था। उस वक्त प्रमुख को अदालत से जमानत तो मिल गई, लेकिन यह केस सीबीआई की अदालत में चलता रहा।

 

अब इस मामले में शुक्रवार को अदालत ने गुरमीत राम रहीम को दोषी करार दिया। इसके बाद उसके अनुयायियों ने हिंसा का वो तांडव मचाया कि लोगों की रूह कांप गई। पुलिस और सेना भी गुरमीत के अनुयायियों को हिंसा करने से रोक नहीं पाए। पंजाब और हरियाणा से लेकर दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई जिलों में कर्फ्यू लगाना पड़ा। इस दौरान 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। गुरमीत समर्थकों ने कई ट्रेनों और बसों, गाड़ियों, मोटरसाइकिलों में आग लगा दी। यह अकेला मामला नहीं है, जिसके कारण डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह विवादों में हैं। दरअसल उनका विवादों से चोली-दामन का साथ रहा है। डेरा प्रमुख के विवादों पर एक नजर डालें...

 

 

पत्रकार की हत्या का मामला

जिस यौन शोषण मामले में पंचकुला की अदालत शुक्रवार को फैसला सुनाने जा रही है। उसी मामले की खबर छापने पर सिरसा के एक सांध्य दैनिक के संपादक रामचंद्र छत्रपति की हत्या कर दी गई थी। 24 अक्टूबर 2002 को सांध्य दैनिक के संपादक को घर बुलाकर पांच गोलियां मारी गई थीं। छत्रपति ने अपने अखबार में डेरा सच्चा सौदा के मैनेजर रणजीत की हत्या की खबर भी अपने अखबार में छापी थी। रणजीत की मृत्यु 21 नवंबर 2002 को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में हुई थी।

 

 

साधुओं को नपुंसक बनाने का भी आरोप

डेरा सच्चा सौदा और इसके प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर करीब 400 साधुओं को नपुंसक बनाने का भी आरोप है। इस मामले की भी सीबीआई जांच चल रही है। आरोप है कि साधुओं को ईश्वर से मिलाने के नाम पर उनके अंडकोष काटकर उन्हें नपुंसक बना दिया गया। सीबीआई ने इस मामले में भी सात से ज्यादा सीलबंद रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश कर दी हैं। बता दें कि इस मामले में हंसराज चौहान की याचिका पर केस दर्ज हुआ था।

 

पूर्व मैनेजर गायब

सीबीआई डेरा और इसके प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ एक और मामले की जांच कर रही है। यह मामला डेरे के पूर्व मैनेजर फकीर चंद के 1991 में गायब होने को लेकर है। इस मामले में हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी और आरोप लगाया गया कि फकीर चंद को डेरा प्रमुख ने ही गायब करवाया था।


धार्मिक भावनाएं आहत करने का मामला

डेरा प्रमुख पर पंजाब में धार्मिक भावनाएं आहत करने का भी आरोप है और पंजाब पुलिस ने बठिंडा में इस संबंध में मामला दर्ज किया था। खालसा दीवान और श्रीगुरु सभा बठिंडा के अध्यक्ष राजिंदर सिंह सिद्धू की शिकायत पर यह केस दर्ज हुआ। 

 

अनुयायियों को सैनिक ट्रेनिंग का मामला

बाबा गुरमीत राम रहीम का विवादों से बड़ा नाता है और वे अक्सर कुछ न कुछ ऐसा कर ही देते हैं, जिससे वे विवादों में घिर जाते हैं। आरोप था कि उनके डेरे में पूर्व सैनिक द्वारा उनके अनुयायियों को सैनिक ट्रेनिंग दी जा रही थी। मिलिट्री इंटेलीजेंस की रिपोर्ट पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया था।

 

डेरा प्रमुख और उनके प्रमुख अनुयायियों के खिलाफ अदालत और पुलिस थानों में करीब आधा दर्जन बड़े मामले चल रहे हैं। इसके बावजूद डेरा अनुयायियों की श्रद्धा कभी डेरा प्रमुख के प्रति प्रभावित होती दिखाई नहीं दी है और यह आज उस वक्त भी दिख रही है जब गुरमीत राम रहीम पर यौन शोषण मामले का फैसला आना है।

 

महिला सरोकारों से जुड़ी संध्या ने इस मामले में गुरमीत राम रहीम पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने आश्रम में दो लड़कियों से बलात्कार किया। पिछले दो दिन से पंजाब और हरियाणा में जिस तरह के हालात हैं उस पर भी उन्होंने दुख जताया। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा, कैसे लोग एक बलात्कारी का साथ दे सकते हैं। यह एक तरह से महिलाओं के खिलाफ हिंसा का समर्थन है। वह एक हीरो की तरह व्यवहार कर रहा है, जबकि असल में वह एक बलात्कारी है।

 

वरिष्ठ वकील आभा सिंह ने शुक्रवार सुबह मुंबई में कहा, सरकार को ट्रेनें भी कैंसिल करनी पड़ी हैं, यह तो पूरी तरह से गुंडागर्दी है। यह जमावड़ा न्यायालय और सरकार पर दवाब बनाने के लिए है। अगर इस बात के सबूत हैं कि उसने उन दो लड़कियों के साथ बलात्कार किया था तो उसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए और एक बलात्कारी की ही तरह उसके साथ सलूक भी होना चाहिए।