यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 04, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
इशरत जहां मामला: सीबीआइ हाइकोर्ट में आज सौंपेगी स्टेटस रिपोर्ट
इशरत जहां मामले में गुरुवार को सीबीआइ गुजरात हाइकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट सौंपेगी। गौरतलब है कि बुधवार को इस मामले ...और पढ़ें

अहमदाबाद। इशरत जहां मामले में गुरुवार को सीबीआइ गुजरात हाइकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट सौंपेगी। गौरतलब है कि बुधवार को इस मामले में सीबीआइ ने चार्जशीट दायर की थी, जिसमें उसने इस मुठभेड़ को फर्जी करार दिया था। हालांकि सीबीआइ द्वारा दायर इस आरोप पत्र में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह राज्य मंत्री अमित शाह का नाम शामिल नहीं किया गया है। पहले ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि सीबीआइ अपनी चार्जशीट में इन दोनों का नाम शामिल कर सकती है।
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मुठभेड़ के नौ वर्ष बाद दायर इस आरोप पत्र में सीबीआइ ने कहा है कि इशरत जहां मुठभेड़ मामले में आइबी के तत्कालीन निदेशक राजेंद्र कुमार समेत चार अधिकारियों की कथित भूमिका की जांच जारी रहेगी। जांच एजेंसी ने अपनी चार्जशीट में आरोप लगाया है कि इस मुठभेड़ में मारे गए युवकों के पास से जो हथियार बरामद किए गए थे वह वास्तव में इंटेलिजेंस ब्यूरो के दफ्तर से ही लाए गए थे। सीबीआइ ने इस चार्जशीट में आइपीएस पीपी पांडे, डीजी वंजारा, जीएल सिंघल सहित गुजरात पुलिस के सात अफसरों को आरोपी बनाया है।
गौरतलब है कि 15 जून 2004 को गुजरात पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अहमदाबाद में एक मुठभेड़ के दौरान इशरत जहां समेत चार लोगों को मार गिराया था। बाद में पुलिस ने इन्हें लश्कर ए तैयबा का आतंकी बताया था। पुलिस का आरोप था कि यह सभी गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश के तहत यहां पर आए थे। इस मुठभेड़ में इशरत जहां, प्रनेश पिल्लई उर्फ जावेद गुलाम शेख, अमजद अली राणा और जीशान जौहर मारे गए थे।
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