यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 14, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
इटली के दो नागरिकों के खिलाफ इंटरपोल का नोटिस
3600 करोड़ रुपये के वीवीआइपी हेलीकॉप्टर सौदा घोटाले में इंटरपोल ने इटली के दो नागरिकों के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस ...और पढ़ें

नई दिल्ली। 3600 करोड़ रुपये के वीवीआइपी हेलीकॉप्टर सौदा घोटाले में इंटरपोल ने इटली के दो नागरिकों के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी किया है। इन दोनों पर सौदे में दलाली का आरोप है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इनके खिलाफ मनी लाउंड्रिंग का मामला दर्ज किया है।
अधिकारियों ने बताया कि इटली के कार्लो जेरोसा और गिडो राल्फ हैश्के की गिरफ्तारी के लिए ग्लोबल वारंट जारी किया गया है। कुछ दिनों पहले ईडी की मांग पर विशेष अदालत ने उनके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया था। नोटिस में कहा गया है कि दोनों इटैलियन नागरिक भारत के न्यायिक प्रशासन द्वारा मुकदमा चलाने/सजा सुनाने के लिए वांछित हैं। इसी मामले में ईडी के एक अन्य आरोपी ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन माइकल जेम्स की गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल इस महीने के शुरू में नोटिस जारी कर चुका है। इसके लिए सीबीआइ ने अनुरोध किया था। सीबीआइ भी इस मामले की जांच कर रही है। ईडी ने भी जेम्स की गिरफ्तारी गैरजमानती वारंट हासिल किया था और रेड कार्नर नोटिस का अनुरोध किया था।
इन दो रेड कार्नर नोटिस के जारी होने के बाद जांच में वांछित लोगों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज हो गए हैं। इससे पहले ईडी ने कोर्ट को बताया था कि अगस्ता वेस्टलैंड ने सौदे के लिए कथित तौर पर सात करोड़ यूरो (करीब 5.16 अरब रुपये) घूस के रूप में दिए। इसमें से तीन करोड़ यूरो (करीब 2.21 अरब रुपये) जेम्स और दुबई स्थित उसकी कंपनी ग्लोबल सर्विसेज एफजेई को दिए गए। जबकि शेष राशि जेरोसा और हैश्के को दी गई। जुलाई 2014 में ईडी ने विभिन्न लोगों के खिलाफ पीएमएलए के तहत अलग से मामला दर्ज किया था। उसने सीबीआइ द्वारा मुकदमा दर्ज करने बाद मामले पर संज्ञान लिया था।
