यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 12, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
21 अक्टूबर से शुरू होगा भारत का मंगल अभियान
भारत अपने मंगल अभियान 'मार्स ऑर्बिटर मिशन' [एमओएम] की शुरुआत 21 अक्टूबर को करेगा बशर्ते मौसम साथ दे। 450 करोड़ ...और पढ़ें

बेंगलूर। भारत अपने मंगल अभियान 'मार्स ऑर्बिटर मिशन' [एमओएम] की शुरुआत 21 अक्टूबर को करेगा बशर्ते मौसम साथ दे। 450 करोड़ रुपये की लागत वाले इस अभियान के तहत 21 अक्टूबर से 19 नवंबर के बीच उपग्रह का प्रक्षेपण किया जाना है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन [इसरो] इसके जरिये यह पता लगाना चाहता है कि वहां मीथेन है या नहीं। लाल ग्रह पर इस रसायन की मौजूदगी जीवन का पूर्व लक्षण माना जाएगा।
भारत के मंगल यान ने पास किया अहम लांच परीक्षण
शीर्ष अधिकारियों ने बुधवार को मीडिया के लिए आयोजित इस अभियान के पूर्वावलोकन कार्यक्रम के बाद यह जानकारी दी। एमओएम के परियोजना निदेशक अरुनान एस ने कहा कि अंतरिक्ष यान में जो पांच प्रमुख उपकरण भेजे जा रहे हैं उनमें मीथेन सेंसर भी है। यह सेंसर इसका पता लगाने का काम करेगा कि वहां जीवन है या नहीं और क्या वहां जीवन की संभावना है?
श्रीहरिकोटा स्थित अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपण के बाद यह अंतरिक्ष यान 20-25 दिनों तक पृथ्वी की कक्षा का चक्कर लगाएगा, उसके बाद नौ माह की मंगल यात्रा पर रवाना होगा। यह उपग्रह मंगल ग्रह के आसपास कम से कम छह माह रहेगा। इसका अधिक दिनों तक वहां रहना तय है। दूसरे देशों के ऐसे ही उपग्रह वहां छह-सात साल भी रहे हैं। 1340 किलोग्राम के इस उपग्रह को 350 टन के रॉकेट से रवाना किया जाएगा। यह धु्रवीय अंतरिक्ष प्रक्षेपण यान का विस्तारित रूप [पीएसएलवी-एक्सएल] होगा।
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