यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 22, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अब 5 नवंबर को रवाना होगा भारत का मंगलयान
भारत का महात्वाकांक्षी मंगलयान अब पांच नवंबर को रवाना होगा। यह मिशन 450 करोड़ रुपये का है। मंगलयान मिशन के लिए पहले 2

चेन्नई। भारत का महात्वाकांक्षी मंगलयान अब पांच नवंबर को रवाना होगा। यह मिशन 450 करोड़ रुपये का है। मंगलयान मिशन के लिए पहले 28 अक्टूबर की तिथि निर्धारित की गई थी।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष के. राधाकृष्णन ने बताया, ' पीएसएलवी रॉकेट के हीट शील्ड को बंद कर दिया गया है। बुधवार को इस मिशन से संबंधित अंतिम विद्युतीय जांच की जाएगी।' इसरो दीपावली के शीघ्र बाद अपने ऐतिहासिक यान को आंध्र प्रदेश में श्रीहरिकोटा से रवाना करेगा। 19 अक्टूबर को राधाकृष्णन ने कहा था कि मार्स ऑर्बिटर मिशन (एमओएम) के तहत मंगलयान के प्रक्षेपण में एक सप्ताह की देरी होगी। उन्होंने रॉकेट ट्रैकिंग सिस्टम को लेकर जा रहे दो जहाजों नालंदा और यमुना में से केवल एक के फिजी पहुंचने को इसका कारण बताया था। फिजी से दोनों जहाजों को संबंधित स्थलों पर जाना है जिससे वे रॉकेट को ट्रैक कर सकें। इस मिशन का प्राथमिक उद्देश्य मंगल ग्रह की परिक्रमा करने वाले उपग्रह को प्रक्षेपित करने की भारत की प्रौद्योगिकी संबंधी क्षमता का प्रदर्शन करना है। मिशन के माध्यम से लाल ग्रह पर जीवन के संकेत मिलने को लेकर अध्ययन किया जाएगा। इसके अलावा इस ग्रह की तस्वीरें भी ली जाएंगी और वहां के पर्यावरण का अध्ययन किया जाएगा।
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