यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 22, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पटेल प्रधानमंत्री बने होते तो देश की नहीं होती दुर्दशा
भरुच। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की नीतियों पर परोक्ष ...और पढ़ें

भरुच। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की नीतियों पर परोक्ष रूप से हमला बोला। उनका कहना था कि अगर सरदार बल्लभ भाई पटेल पहले प्रधानमंत्री बने होते तो देश की ऐसी दुर्दशा नहीं होती, जैसी वर्तमान समय में हो रही है। मोदी के अनुसार आजादी के बाद अगर देश की कमान सरदार पटेल हाथ के आई होती तो भारत किसानों के देश की रूप में अपनी चमक नहीं खोता। उन्होंने कृषि के क्षेत्र में पिछड़ने पर गहरी चिंता जताई।
मोदी भरुच में आयोजित कृषि महोत्सव के मौके पर किसानों को संबोधित कर रहे थे। गुजरात के मुख्यमंत्री का कहना था कि आज हम कृषि प्रधान देश के रूप में अपनी छवि तेजी से खोते जा रहे हैं। हमारे शासकों ने शुरू में ही गलत रास्ता अख्तियार किया, जिसका खामियाजा मौजूदा पीढ़ी भोग रही है। अगर सरदार पटेल प्रधानमंत्री बने होते तो किसान खुशहाल होते। खेती-किसानी आज की तरह घाटे का धंधा नहीं होता। मोदी ने कृषि क्षेत्र की मजबूती पर जोर दिया। बकौल नमो, 'अगर हमें अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है तो युवाओं को रोजगार देने होगा। गांवों को अधिकार संपन्न बनाना होगा। कृषि का विकास किए बगैर देश की तरक्की का और कोई रास्ता नहीं बचा है।'
उन्होंने कहा कि इसके लिए हमें खेती में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ाना होगा ताकि उत्पादकता को बढ़ाया जा सके। अपने राज्य का उदाहरण देते हुए मोदी का कहना था, 'जब कभी कृषि की बात होती तो पंजाब, हरियाणा और गंगा के मैदानी क्षेत्रों की ही चर्चा होती थी। हमारी गिनती तो सूखा प्रभावित क्षेत्रों में होती थी, लेकिन पिछले वर्षो में हमने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। गुजरात का कृषि विकास दर दस फीसद से ऊपर हो गया है। यह राष्ट्रीय कृषि विकास दर से तीन गुना अधिक है।'
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