विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बेंगलुरु के पब में बवाल करने वाले IAS विकास मरमत का तबादला, रेड के दौरान इंस्पेक्टर को जड़ा था थप्पड़

Published: Thu, 15 Oct 2026 09:55 AM (GMT+05:30)Updated: Thu, 15 Oct 2026 10:07 AM (GMT+05:30)

बेंगलुरु के एक पब में पुलिसकर्मियों के साथ कथित बदसलूकी और मारपीट की कोशिश के मामले में आईएएस अधिकारी विकास मरमत का आंध्र प्रदेश सरकार ने तबादला कर दिया है।

आईएएस अधिकारी विकास मरमत के खिलाफ एक्शन।

आईएएस अधिकारी विकास मरमत के खिलाफ एक्शन।

HighLights

  1. आईएएस विकास मरमत का बेंगलुरु पब विवाद के बाद तबादला।

  2. पुलिस टीम से बदसलूकी और मारपीट की कोशिश का आरोप।

  3. आंध्र प्रदेश सरकार ने तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की।

डिजिटल डेस्क, विजयवाड़ा। बेंगलुरु के एक पब में हुए झगड़े और पुलिसकर्मियों के साथ कथित बदसलूकी व मारपीट की कोशिश के मामले में आंध्र प्रदेश सरकार ने कुप्पम एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (KADA) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर विकास मरमत खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। उनका ट्रांसफर कर दिया गया है।

10 अक्टूबर को रात करीब 1:30 बजे बेंगलुरु के रेजिडेंसी रोड स्थित एक महंगे बार और रेस्तरां में 2019 बैच के आईएएस अधिकारी विकास और उनके तीन साथियों (रियल एस्टेट कारोबारी अभय उदय सिंह, बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग चलाने वाले नीतीश और बाउंसर रोशन) के खिलाफ कब्बन पार्क पुलिस ने मामला दर्ज किया है। इन पर पुलिस इंस्पेक्टर अरुण सालुंके समेत पुलिस टीम के साथ बदसलूकी करने और उन पर हमला करने की कोशिश करने का आरोप है।

विकास मरमत को बनाया गया मुख्य आरोपी

मामले में आईएएस अधिकारी को मुख्य आरोपी बनाया गया, जबकि बाकी लोगों को सह-आरोपी के रूप में सूचीबद्ध किया गया। पुलिस ने बताया कि अगली सुबह मरमत और अन्य लोगों ने अपने बर्ताव के लिए माफी मांगी।

क्या है घटना?

यह घटना तब हुई जब सेंट्रल क्राइम ब्रांच की एक टीम शराब की दुकानों पर नाबालिगों के शराब पीने या पार्टी करने की जांच के लिए रात करीब 1:30 बजे 'कैवोर' (Cavore) पहुंची। इस टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर अरुण सालुंके कर रहे थे। जांच के दौरान, एक पुलिस अधिकारी ने कुछ युवतियों से उनकी उम्र साबित करने के लिए दस्तावेज मांगे। बताया जाता है कि इससे मरमत और सिंह नाराज हो गए और उन्होंने पुलिस के साथ रूखा व्यवहार करना शुरू कर दिया।

मंगलवार सुबह सोशल मीडिया पर इस घटना का एक वीडियो वायरल होने के बाद राज्य सरकार पर आईएएस अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का दबाव बढ़ गया। यह दबाव इसलिए और भी ज्यादा था क्योंकि मरमत कुप्पम में शहरी विकास प्राधिकरण के प्रोजेक्ट डायरेक्टर के पद पर तैनात हैं। कुप्पम वही निर्वाचन क्षेत्र है, जिसका प्रतिनिधित्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू करते हैं।

मरमत का किया गया तबादला

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को इस घटना की विस्तृत जांच करने और 13 अक्टूबर तक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया, जिसके बाद राज्य सरकार ने तुरंत मरमत के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी। उनका तबादला कर दिया गया और उन्हें बुधवार को जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट (GAD) में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया, ताकि उन्हें आगे की तैनाती दी जा सके।

यह भी पढ़ें: 'मेरे चरित्र हनन की राजनीतिक साजिश', सिद्दरमैया से जुड़े स्टिंग वीडियो के प्रसारण पर कोर्ट ने लगाई रोक