यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 01, 2012 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हिना-बिलावल को किया जाए इस्लाम से बेदखल
पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के बेटे और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के चेयरमैन ...और पढ़ें

बरेली, जागरण संवाददाता। पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के बेटे और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुंट्टो के इश्क पर अब धर्म के ठेकेदारों की टेड़ी नजर पड़ी है। बांग्लादेश के मौलवियों ने दोनों को पत्थर से मारने की सजा देने की वकालत की है तो हिंदुस्तान के मौलवियों का कहना है कि दोनों को इस्लाम से बेदखल कर दिया जाना चाहिए।
बरेलवी मुफ्तियों ने दोनों के प्रेम संबंधों को नाजायज करार देते हुए उन्हें शरीयत के कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि बिना कारण के बीवी का शौहर से तलाक मांगना जायज नहीं है। किसी मर्द को भी यह इजाजत नहीं है कि वह दूसरे की बीवी को बहका कर उसका घर बिगाड़े। ऐसा करने वाले दोनों ही शरीयत के मुजरिम हैं।
दरगाह आला हजरत के केंद्रीय फतवा विभाग के मुफ्ती मुहम्मद कफील हदीस के हवाले से बताया कि जो औरत तलाक मांगे, वह जन्नत की खुशबू नहीं पाएगी। औरत पर यह लाजिम है कि शौहर परस्त बने। उसे ही सबसे ताकतवर, खूबसूरत और मालदार समझे, चाहें गरीब या बदसूरत ही क्यों न हो। अगर उसके मन में शौहर के बजाय किसी दूसरे मर्द का ख्याल आएगा तो यह नाजायज है। उन्होंने कहा कि इसी तरह मर्द के लिए भी हुक्म है। वह किसी शादीशुदा औरत से शादी का मुतालबा तो दूर, इस तरह की बात भी नहीं कर सकता। कौम को ऐसे लोगों का बहिष्कार करना चाहिए।
किला जामा मस्जिद के इमाम मुफ्ती अजीजुर्रहमान के मुताबिककिसी औरत के लिए अजनबी मर्द से बिना किसी आवश्यकता के बात करना हराम है। औरत अपने शौहर से तभी तलाक ले सकती है, जब वह निकम्मा, शराबी या फिर शरीयत का पाबंद न हो। तलाक तभी होगा, जब शौहर राजी होगा, तब बीवी को शौहर की मांगें माननी होंगी। किसी दूसरे मर्द से इश्क की खातिर तलाक लेने का हुक्म नहीं है।
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