रिश्वत में तेल और घी लेता था ये IAS अफसर, सरकार ने दी अनिवार्य सेवानिवृत्ति
गुजरात सरकार ने भ्रष्टाचार के आरोपों में निलंबित आईएएस अधिकारी राजेश को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी। उन पर रिश्वत लेकर हथियार लाइसेंस जारी करने और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप थे।

रिश्वत और हथियार लाइसेंस घोटाले में फंसे IAS (यह तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है।)
HighLights
IAS राजेश को भ्रष्टाचार के आरोपों में अनिवार्य सेवानिवृत्ति मिली।
उन पर रिश्वत लेकर हथियार लाइसेंस जारी करने का आरोप था।
सीबीआई ने उन्हें जुलाई 2022 में गिरफ्तार किया था।
राज्य ब्यूरो, अहमदाबाद । गुजरात सरकार ने भ्रष्टाचार के आरोपों में लंबे समय से निलंबित चल रहे आईएएस अधिकारी राजेश को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है।
उन पर रिश्वत लेकर हथियार के लाइसेंस देने और रिश्वत के रूप में नकदी के साथ ही तेल, घी जैसी रोजमर्रा की वस्तुएं लेने के भी गंभीर आरोप लगे थे।
जुलाई 2022 में सीबीआई ने जांच में सहयोग न करने के बाद उन्हें अहमदाबाद से गिरफ्तार किया था। उन पर मनी लांड्रिंग का भी आरोप लगा था। उन्हें सीबीआइ कोर्ट से एक मामले में जमानत मिल गई थी, लेकिन अन्य मामलों में वह लंबे समय तक न्यायिक हिरासत में रहे हैं।
वह सुरेंद्र नगर के कलक्टर रह चुके हैं। उन पर आरोप था कि उन्होंने रिश्वत लेकर बड़ी संख्या में हथियारों के लाइसेंस जारी किए थे।
इस मामले की शिकायत मिलने के बाद सरकार ने विभागीय जांच के आदेश दिए थे। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद सरकार ने यह कड़ी कार्रवाई की है
