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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 29, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सरकार ने एससी/एसटी कानून के तहत लंबित मामलों पर जताई चिंता

By Gunateet OjhaEdited By:
Published: Tue, 29 Aug 2017 08:39 PM (GMT+05:30)

मंत्री थावरचंद गहलोत ने राज्यों को मामले जल्द निपटाने के लिए विशेष अदालतें के गठन जैसे तंत्र विकसित करने का निर्देश दिया है।

सरकार ने एससी/एसटी कानून के तहत लंबित मामलों पर जताई चिंता
सरकार ने एससी/एसटी कानून के तहत लंबित मामलों पर जताई चिंता

नई दिल्ली, प्रेट्र। केंद्र सरकार ने संशोधित अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निरोधक कानून के तहत लंबित मामलों को लेकर चिंता जताई है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने राज्यों को मामले जल्द निपटाने के लिए विशेष अदालतें के गठन जैसे तंत्र विकसित करने का निर्देश दिया है।

उन्होंने एससी/एसटी कानून को शिद्दत से लागू करने पर जोर दिया। गहलोत मंगलवार को सामाजिक कल्याण मंत्रियों के क्षेत्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इसमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और छत्तीसगढ़ ने हिस्सा लिया। गहलोत ने 2015 में एससी/एसटी कानून के तहत उत्तर प्रदेश की अदालतों में 28,031 और छत्तीसगढ़ में 2,278 मामले लंबित होने पर चिंता जताई।

राज्यों द्वारा दिए गए 2015 के डाटा के मुताबिक, दिल्ली में 171 मामले लंबित हैं जबकि जम्मू-कश्मीर का डाटा उपलब्ध नहीं है। गहलोत ने लंबित मामलों का ब्योरा नहीं सौंपने वाले राज्यों से नोडल ऑफिसर नियुक्त करने को कहा। 2015 में उत्तर प्रदेश में 2,040 (57.9 फीसद) मामलों में दोष साबित हुआ। जबकि छत्तीसगढ़ और दिल्ली में यह आंकड़ा क्रमश: 182 (28.9 फीसद) और एक (8.3 फीसद) रहा।

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