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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 26, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जेएनयू विवाद को लेकर पूर्व प्रोफेसर ने लौटाया पुरस्कार

By kishor joshiEdited By:
Published: Fri, 26 Feb 2016 05:30 AM (IST)Updated: Fri, 26 Feb 2016 05:46 AM (IST)

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर चमनलाल ने भारत सरकार से प्राप्त "हिंदीत्तर भाषी हिंदी लेखक पुरस्कार" को लौटाने का ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर चमनलाल ने भारत सरकार से प्राप्त "हिंदीत्तर भाषी हिंदी लेखक पुरस्कार" को लौटाने का फैसला किया है। प्रोफेसर चमन ने सरकार के रवैये के विरोध स्वरूप यह कदम उठाया है। चमन लाल का कहना है कि जेएनयू और उसके छात्रों को बदनाम करने की एक साजिश चल रही है, जेएनयू के छात्रों ने कभी नारे नहीं लगाए।

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जेएनयू के सेवानिवृत प्रोफेसर चमन लाल को यह पुरस्कार 2000-2001 के दौरान मिला था। उन्होंने जेएनयू के कुलपति जगदीश कुमार को पत्र लिखकर पुरस्कार वापसी के बारे में बताया।

गौरतलब है कि जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के छात्र उमर ख़ालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य ने दो दिन पहले पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था। इन दोनों पर नौ फ़रवरी को विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में भारत विरोधी नारे लगाने का आरोप है।

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