यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 18, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
फेसबुक ने बिछड़े मां-बाप से मिलाया
सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक सिर्फ दोस्तों से ही नहीं मिलाता। दो साल पहले घर से रूठ कर भागा किशोर फेसबुक के जरिये अपने परिजनों से मिलने में सफल रहा।

कन्नौज [जासं]। सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक सिर्फ दोस्तों से ही नहीं मिलाता। दो साल पहले घर से रूठ कर भागा किशोर फेसबुक के जरिये अपने परिजनों से मिलने में सफल रहा।
पादरियों और ननों पर फेसबुक इस्तेमाल करने पर पाबंदी
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के थाना चांगुर टोला के ठाकुर टोला गांव निवासी हसन रनगिरे लोधी का 15 वर्षीय पुत्र पंकज पांच फरवरी, 2011 को घर छोड़कर चला गया था। इसके बाद वह नागपुर के एक होटल में मजदूरी करने लगा। जहां उसकी दोस्ती उत्तर प्रदेश के कन्नौज के मझरेटा निवासी मुकेश राजपूत से हुई। मुकेश उसे अपने साथ गांव ले आया व हसेरन के ब्लॉक प्रमुख उदय राजपूत से उसकी मुलाकात कराई। प्रभावित होकर ब्लॉक प्रमुख ने उसे खाना व रहने के लिए जगह दी। इसी बीच उदय ने बालाघाट निवासी आदित्य अंतरे को फेसबुक पर फ्रेंड्स रिक्वेस्ट भेजी जिसे उन्होंने स्वीकार कर ली। इसके बाद आदित्य से ऑनलाइन चैटिंग में उदय ने पंकज के बारे में बताया व उसका फोटो पोस्ट किया। इसके बाद आदित्य से फोन पर हुई बातचीत में पंकज के माता-पिता के बारे में पता चल गया।
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