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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 14, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बच्चों को देश के बारे में बड़ा सोचने के लिए प्रेरित करना चाहिएः प्रणब मुखर्जी

By Test3 Test3Edited By:
Published: Sat, 14 Nov 2015 03:47 PM (IST)Updated: Sat, 14 Nov 2015 04:27 PM (IST)

बाल दिवस के मौके पर आज दिल्ली में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ठ प्रदर्शन करने बच्चों को ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। बाल दिवस के मौके पर आज दिल्ली में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ठ प्रदर्शन करने बच्चों को राष्ट्रीय बाल पुरस्कारों से सम्मानित किया। अपने संबोधन में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने कहा कि देश के भविष्य के लिए बच्चों को बड़े सपने देखने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए और उन्हें अपनी क्षमता का भरपूर इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा हर साल आयोजित किए जाने वाले राष्ट्रीय बाल पुरस्कार समारोह का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति मुखर्जी ने कहा कि पुरस्कार वितरण करने से बच्चों की उपलब्धियों को मान्यता दी जाती है। इस अवसर पर राष्ट्रपति मुखर्जी ने सभी विजेता बच्चों को बधाई देते हुए देश के सभी बच्चों को अपनी शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद दिया साथ ही उनके स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।

वहीं केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति इरानी ने कहा कि बच्चों को सीमा पर तैनात जवानों से जाकर मिलने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि उनमें सैनिकों की सेवाओं के प्रति बेहतर समझ विकसित हो सके साथ ही सैनिकों के प्रति देश का आभार व्यक्त किया जा सके।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास 26 जनवरी को ‘सीमा दर्शन’ कार्यक्रम आयोजित करने का है। राज्यों से चुने गए कुछ बच्चों को वहां जाना चाहिए और देखना चाहिए कि सुरक्षा बल किस तरह से काम करते हैं।’’ उन्होंने कहा कि युद्धकाल में कलाकार सीमाओं पर जाते थे ताकि सैनिकों का मनोबल उंचा बना रहे।

मानव संसाधन विकास मंत्री ने यह भी दावा किया कि सभी राज्यों के सहयोग से एक साल में सभी सरकारी स्कूलों में लड़कियोंके लिए अलग शौचालय बन गए हैं साथ ही स्मृति ईरानी ने ये भी घोषणा की कि अगले साल जनवरी में बाल श्री पुरस्कार दिए जाएंगे।