यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 08, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मोदी की रैली पर काशी में रार, भाजपा के रवैये पर आयोग का सवाल
बनारस में काफी जद्दोजहद के बाद जिला प्रशासन द्वारा नरेंद्र मोदी की रैली को अनुमति देने के बाद भी भारतीय ...और पढ़ें

वाराणसी, [आशुतोष झा]। भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने भले ही गठबंधन के प्रत्याशियों को जिताने के लिए तीन लाख किलोमीटर की यात्रा कर छह महीने में लगभग तीन सौ रैलियां कर डाली हों, लेकिन उनके खुद के प्रचार का मामला लटक रहा है। प्रशासन ने बृहस्पतिवार को बेनियाबाग में होने वाली मोदी की सभा पर पाबंदी लगा दी। इसके चलते अब सिर्फ रोहनिया में ही मोदी की रैली हो सकेगी। साथ ही अस्सी घाट पर गंगा पूजन और होटल में बुद्धिजीवियों के साथ सम्मेलन को काफी देर चली खींचतान के बाद देर रात अनुमति दे दी गई। पहले इन कार्यक्रमों के लिए भी अनुमति नहीं दी गई थी। भाजपा के उत्तर प्रदेश प्रभारी अमित शाह ने देर रात प्रेस कांफ्रेंस करके स्पष्ट किया कि मोदी बृहस्पतिवार को रोहनिया में होने वाली जनसभा को ही संबोधित करेंगे, अन्य सभी कार्यक्रम रद कर दिए गए हैं। प्रशासन के इस रुख से भाजपा उसके खिलाफ खड़ी हो गई है। बृहस्पतिवार को वाराणसी से लेकर दिल्ली तक पार्टी नेता व कार्यकर्ता धरने पर होंगे।
बृहस्पतिवार को मोदी बेनियाबाग में रैली करने वाले थे। इसके बाद एक होटल में बुद्धिजीवियों के साथ चर्चा की योजना थी फिर गंगा पूजन। बुधवार को भारी असमंजस के बाद स्थानीय प्रशासन ने खुफिया जानकारी का हवाला देते हुए तीनों कार्यक्रमों पर रोक लगा दी थी। वाराणसी में कमान संभाले बैठे पार्टी नेता अरुण जेटली ने भी नाराजगी जाहिर करने में देरी नहीं की। उत्तर प्रदेश प्रभारी अमित शाह के साथ उन्होंने सीधा आरोप लगा दिया कि जानबूझकर मोदी को प्रचार से रोका जा रहा है। उनकी जानकारी के अनुसार खुफिया विभाग ने भी गड़बड़ी की कोई रिपोर्ट नहीं दी है। रिटर्निग ऑफीसर (जिला मजिस्ट्रेट प्रांजल यादव) पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने आयोग से पूछा कि इतनी महत्वपूर्ण सीट पर गलत निर्णय लेने वाले व्यक्ति को कैसे बैठाया गया है। इसके खिलाफ जेटली और दूसरे नेता लंका गेट पर धरना देंगे तो दिल्ली में केद्रीय नेता चुनाव आयोग से नाराजगी जताएंगे। देर रात अमित शाह ने प्रशासन का रुख शरारतपूर्ण बताते हुए जिला मजिस्ट्रेट को हटाने की मांग चुनाव आयोग से की।
सुरक्षा कारणों ने नहीं दी अनुमति: सीईओ
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) उमेश सिन्हा ने बताया कि नरेंद्र मोदी की वाराणसी के बेनियाबाग में बृहस्पतिवार को सभा करने की अनुमति सुरक्षा कारणों की वजह से नहीं दी गई है। उन्होंने बताया कि भाजपा की स्थानीय इकाई द्वारा जितनी संख्या में लोगों के आने की जानकारी देकर बेनियाबाग में सभा की अनुमति मांगी गई थी वह संख्या मैदान की क्षमता से ज्यादा थी।
भाजपा के रवैये पर चुनाव आयोग ने उठाया सवाल
बनारस में काफी जद्दोजहद के बाद जिला प्रशासन द्वारा नरेंद्र मोदी की रैली को अनुमति देने के बाद भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता बृहस्पतिवार को धरना-प्रदर्शन की तैयारी में हैं। चुनाव आयोग ने उनके इस कदम के औचित्य पर सवाल उठाए हैं। आयोग के मुताबिक, रैली को स्वीकृति मिलने के बाद भी भाजपा नेताओं का यह रुख समझ में नहीं आ रहा है।
गौरतलब है कि प्रशासन ने बृहस्पतिवार को बेनियाबाग में होने वाली मोदी की सभा पर प्रतिबंध लगा दिया, लेकिन इसी दिन रोहनिया में रैली को हरी झंडी दिखा दी। इसके अलावा गंगा पूजन व प्रबुद्धजनों के साथ बैठक की भी अनुमति दे दी। इसके बावजूद भाजपा नेता व कार्यकर्ता बनारस से लेकर दिल्ली तक धरना देने पर अड़े हुए हैं।
