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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 10, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

समस्या से ज्यादा राजनीतिक मुद्दा बन गया है सूखा

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Published: Wed, 10 Apr 2013 08:46 PM (GMT+05:30)Updated: Wed, 10 Apr 2013 08:47 PM (GMT+05:30)

मुंबई [ओमप्रकाश तिवारी]। महाराष्ट्र में पिछले 50 वर्ष का सबसे भीषण सूखा अब समस्या से ज्यादा राजनीतिक मुद्दा बनता जा ...और पढ़ें

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मुंबई [ओमप्रकाश तिवारी]। महाराष्ट्र में पिछले 50 वर्ष का सबसे भीषण सूखा अब समस्या से ज्यादा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। सभी राजनीतिक दल सूखे के बहाने राजनीतिक रोटियां सेंकते नजर आ रहे हैं। कुछ राजनेताओं के लिए तो सूखा राजनीतिक पुर्नजीवन का साधन बन गया है।

महाराष्ट्र के तेरह जिले सूखे से बुरी तरह पीड़ित हैं। कई जिलों में तो लोगों को पीने का पानी भी 35-40 दिन में एक बार ही मिल पा रहा है। जानवरों के चारा और पानी मिलना तो और भी मुश्किल हो रहा है। यह स्थिति राज्य में सत्तारूढ़ दलों कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस के लिए परीक्षा की घड़ी है। जबकि विपक्ष सूखे के प्रति अति गंभीर दिखने की कोशिश में कोई मुद्दा हाथ से नहीं जाने दे रहा है।

ऐसे ही मुद्दों में से एक उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का वह अशोभनीय भाषण भी रहा, जिसमें उन्होंने बांध में पानी न होने पर लघुशंका से पानी देने की बात कहकर अपने लिए मुसीबत मोल ले ली है। सिंचाई घोटाले में पहले से विपक्ष के निशाने पर रही अजीत पवार द्वारा अपने बयान पर दो-दो बार माफी मांगने के बावजूद संपूर्ण विपक्ष उनके इस्तीफे की मांग पर अड़ा है। इसी मांग के कारण आज भी विधानमंडल के दोनों सदनों का कामकाज नहीं हो सका। अपनी इस मांग के बहाने विपक्ष राज्य में मुख्यमंत्री पद के एक प्रमुख दावेदार को हमेशा के लिए जनता की नजरों में गिराने का मौका छोड़ना नहीं चाहता।

लोकसभा में भाजपा के उपनेता गोपीनाथ मुंडे लंबे समय से राज्य की राजनीति में सड़क पर उतरने से कतराते रहे हैं। खासतौर से अपने प्रबल प्रतिद्वंद्वी नितिन गडकरी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए लेकिन अब सूखे के बहाने वह एक बार फिर सक्रिय दिख रहे हैं। सूखाग्रस्त किसानों के साथ मंगलवार को औरंगाबाद में धरने पर बैठे मुंडे ने बीती रात पशुओं के शिविर में गुजारी। सूखाग्रस्त क्षेत्र में वह दौरा भले लक्जरी कार से कर रहे हों, लेकिन पशु शिविर में बनियान पहनकर देसी भोजन जीमते मुंडे की तस्वीरें अपने लिए राजनीतिक माहौल तैयार करने की कोशिश ज्यादा नजर आती हैं।

सूखे के बहाने के आईपीएल क्रिकेट मैच रुकवाने की राजनीति हो चुकी है। इसके बावजूद धड़ल्ले से आईपीएल मैच हो रहे हैं। यह जानते हुए भी कि राज्य में नेताओं के हेलीकॉप्टर दौरे नहीं रुकने वाले, एक मंत्री के लिए हेलीपैड बनाने एवं नागपुर में कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई द्वारा मोटरसाइकिल रैली के लिए पानी खर्च करने पर भी हंगामा कर विपक्ष अपनी किसाने हितैषी छवि निखारने का जीतोड़ प्रयास कर रहा है।

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