1 नवंबर से BS-6 से नीचे की गाड़ियों पर बैन, पार्किंग फीस होगी दोगुनी; दिल्ली-एनसीआर के लिए नई गाइडलाइंस
दिल्ली-एनसीआर में जहरीली हवाओं का संकट गहराने लगा है, अगले 15 दिन बेहद अहम माने जा रहे हैं। प्रदूषण से ...और पढ़ें

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण से निपटने के लिए गाइडलाइंस जारी (फोटो-एएनआइ)
HighLights
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में पहुंचने का अनुमान।
1 नवंबर से BS-6 से नीचे के वाहनों पर प्रतिबंध लागू।
पराली जलाने पर रोक और विंटर एक्शन प्लान भी प्रभावी।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर को जिन जहरीली हवाओं से बचाने के लिए साल भर से बैठकें और तैयारियां चल रही थी, आखिरकार अब उसके इम्तिहान का समय आ गया है।
मौसम के बदलते मिजाज के साथ ही दिल्ली-एनसीआर में सांसों पर संकट बढ़ने लगा है। इसके 31 अक्टूबर के बाद और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। वहीं छह नवंबर तक इसके गंभीर श्रेणी में पहुंचने का अनुमान है।
फिलहाल इसे देखते हुए केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय व वायु गुणवत्ता आयोग ने दिल्ली सहित एनसीआर में आने वाले चारों राज्यों को अलर्ट किया है। साथ ही एक्शन प्लान के मुताबिक कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
प्रदूषण के चलते बदल रहे नियम
इस बीच दिल्ली में बढ़ने प्रदूषण में वाहनों से होने वाले प्रदूषण की बड़ी हिस्सेदारी को देखते हुए एक नवंबर से ही दिल्ली में आने वाले बीएस-6 से नीचे के पेट्रोल व डीजल से चलने वाले कामर्शियल व निजी वाहनों के संचालन को प्रतिबंधित कर दिया है। माना जा रहा है कि इससे वायु प्रदूषण के स्तर में कमी दिखेगी।
वहीं पराली को जलने से रोकने के लिए पंजाब, हरियाणा व उत्तर प्रदेश में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) व राज्यों की तीन सौ से अधिक टीमें भी तैनात की गई है। जो कंट्रोल रूम की निगरानी में 24 घंटे काम करेगी। इस बीच साथ ही प्रदूषण बढ़ने वाले क्षेत्रों में यानी हाट स्पाटों पर 24 घंटे निगरानी रखने के भी निर्देश दिए गए है।
इसके साथ ही वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने भी निगरानी बढ़ा दी है। मंत्रालय के सचिव ने खुद राज्यों के साथ इसे लेकर बैठकें शुरू कर दी है। हाल ही में उन्होंने उत्तर प्रदेश के साथ बैठक की है।
वहीं वायु गुणवत्ता आयोग भी जमीनी स्तर पर एक्शन प्लान के अमल को जांचने में जुटी है। इसके साथ ही दिल्ली- एनसीआर में पुराने मकानों के तोड़ने व निर्माण आदि पर रोक लगाई गई है।
एनसीआर में एक नवंबर से लागू होगा विंटर एक्शन प्लान
वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सहित एनसीआर से जुड़े सभी राज्यों में सर्दियों के लिए अपना एक एक्शन प्लान भी तैयार किया है। जो एक नवंबर से प्रभावी होगा। जिसमें सड़कों पर पानी का छिडकाव, मशीनों से उसकी सफाई, शत-प्रतिशत कचरे को उठाने, कोयला तंदूर व डीजल जनरेटर आदि के रोकथाम के लिए सभी राज्यों ने अपने नियम बनाए हैं।
यह भी की गई है पहल
नो पीयूसी, नो फ्यूल नीति: बगैर प्रदूषण प्रमाणपत्र वाले वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं दिया जा रहा है। इसे लेकर दिल्ली के करीब पांच सौ पेट्रोल पंपों पर आऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरे लगाए गए हैं।
एक नवंबर से पार्किंग शुल्क दोगुना किया गया है। ताकि निजी वाहनों के उपयोग को कम किया जा सके।
सरकारी व निजी कार्यालयों में काम करने वाले पचास प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम देने की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है।
