यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 06, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
यूपी सरकार पर टिप्पणी करने पर साहित्यकार गिरफ्तार
रामपुर [जासं]। आइएएस अफसर दुर्गाशक्ति नागपाल प्रकरण पर अभिव्यक्ति यूपी सरकार को ज्यादा नागवार गुजरी। फेसबुक पर इस मामले में ...और पढ़ें

रामपुर [जासं]। आइएएस अफसर दुर्गाशक्ति नागपाल प्रकरण पर अभिव्यक्ति यूपी सरकार को ज्यादा नागवार गुजरी। फेसबुक पर इस मामले में कमेंट करने पर साहित्यकार कंवल भारती को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उनके खिलाफ सांप्रदायिक उन्माद फैलाने का मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि कुछ घंटे बाद ही अदालत से जमानत मिल गई।
सिविल लाइंस थानांतर्गत गंगापुर आवास विकास में रहने वाले साहित्यकार भारती जिला समाज कल्याण विभाग से सेवानिवृत्त हैं। वह रोशन बाग स्थित अंबेडकर छात्रावास में अधीक्षक के पद पर कार्यरत थे। उनके खिलाफ संसदीय कार्य एवं नगर विकास मंत्री मोहम्मद आजम खां के मीडिया प्रभारी फसाहत अली खां शानू ने सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि उन्होंने सांप्रदायिक उन्माद फैलाने और मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से फेसबुक पर टिप्पणी की है। इससे सांप्रदायिक सौहार्द खराब होने का खतरा है।
सिविल लाइंस पुलिस ने उनके खिलाफ सांप्रदायिक उन्माद के लिए भावनाएं भड़काने के आरोप में आइपीसी की धारा 153 ए और 295 ए में मुकदमा दर्ज कर लिया। इसके बाद पुलिस ने भारती को उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया। बाद में भारती को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में पेश किया गया। भारती की ओर से दाखिल जमानत प्रार्थना पत्र के आधार पर अदालत ने उनकी रिहाई के आदेश दे दिए।
विदित हो कि भारती का साहित्य सृजन मुख्य रूप से दलित समाज पर केंद्रित है। भारती करीब 15 पुस्तकें लिख चुके हैं, जबकि उनकी कविताएं दिल्ली विश्वविद्यालय, लखनऊ विश्वविद्यालय, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय, इलाहाबाद विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर के पाठ्यक्रम में हैं। साहित्य के क्षेत्र में उपलब्धि पर भारती को डा.अंबेडकर राष्ट्रीय पुरस्कार समेत कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
यह कमेंट बना मुद्दा
'उत्तर प्रदेश में सपा सरकार ने नोएडा में आइएएस अफसर दुर्गाशक्ति नागपाल को निलंबित कर दिया, क्योंकि उन्होंने रमजान माह में एक मस्जिद का निर्माण गिरवा दिया। यह निर्माण अवैध रूप से सरकारी जमीन पर हो रहा था। लेकिन, रामपुर में रमजान माह में जिला प्रशासन ने सालों पुराने इस्लामिक मदरसे को बुलडोजर चलवाकर गिरवा दिया। विरोध करने पर मदरसा संचालक को जेल भिजवा दिया। इस मामले में अखिलेश सरकार ने अभी तक किसी अफसर को निलंबित नहीं किया। ऐसा इसलिए नहीं किया गया, क्योंकि यहां अखिलेश का नहीं आजम खां राज चलता है। उनको रोकने की मजाल तो खुदा में भी नहीं है।'
'मैंने किसी धर्म के खिलाफ नहीं की टिप्पणी'
रामपुर। कंवल भारती ने अपने खिलाफ हुई कार्रवाई पर कहा कि मैंने किसी भी धर्म, जाति या वर्ग के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की है। मेरे खिलाफ धार्मिक उन्माद भड़काने का मुकदमा दर्ज कराया गया। मुझे एक अपराधी की तरह घर से पुलिस उठाकर लाई।
लोकतंत्र में अगर आम इंसान अपनी बात नहीं कह सकता तो सरकार को चाहिए कि फेसबुक के खिलाफ या फिर आदमी के बोलने के खिलाफ भी कानून बना दे। मैं एक लेखक हूं। मेरी कलम बंद नहीं हो सकती। चालीस से ज्यादा किताबें लिख चुका हैं। इनमें कई यूनिवर्सिटी में पढ़ाई जा रही हैं। कहा कि भविष्य में मुझे फिर किसी झूठे मुकदमे में फंसाया जा सकता है।
गिरफ्तारी लोकतंत्र पर हमला
रामपुर। कांग्रेस विधायक काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने कहा है कि लेखक कंवल भारती की गिरफ्तारी लोकतंत्र पर हमला है। कहा कि जिस तरह कार्रवाई की गई है, वह लोकतांत्रिक नहीं कही जा सकती। इसकी जितनी निंदा की जाए कम है।
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