यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 17, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
फसल बीमा के बजट में बड़ी वृद्धि के बिना नहीं बनेगी बात
किसानों को प्राकृतिक आपदा की मार से बचाने के लिए सरकार आम बजट 2016-17 में खजाना खोलने की तैयारी कर ...और पढ़ें

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। किसानों को प्राकृतिक आपदा की मार से बचाने के लिए सरकार आम बजट 2016-17 में खजाना खोलने की तैयारी कर रही है। माना जा रहा है कि सरकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए बजटीय आवंटन बढ़ाकर दोगुना कर सकती है। केंद्र ने अगले दो साल के भीतर देशभर में कम से कम आधे फसल क्षेत्र को फसल बीमा के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा है, इसलिए बजटीय आवंटन में यह वृद्धि बेहद अहम होगी।
सूत्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पर सरकार का विशेष जोर है। इसलिए इसके आवंटन में बड़ी वृद्धि पर विचार किया जा रहा है। चालू वित्त वर्ष में सरकार ने कृषि बीमा के लिए 2588 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। बीते तीन साल में कृषि बीमा के लिए बजटीय आवंटन में स्थिर बना हुआ है। इसलिए अब फसल बीमा का दायरा बढ़ाने के लिएए इसके बजट में वृद्धि जरूरी हो गई है।
उल्लेखनीय है कि फिलहाल देशभर में कुल फसल क्षेत्र से मात्र 23 प्रतिशत की बीमा के दायरे में। हाल में जारी नेशनल सेंपल सर्वे आर्गनाइजेशन (एनएसएसओ) की एक रिपोर्ट भी बताती है कि देश में बहुत कम किसानों को फसल बीमा की सुविधा प्राप्त है। इस रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2012-13 में धान और गेहूं जैसी दो अहम फसलें बोने वाले मात्र पांच प्रतिशत ही किसान ऐसे थे जिन्होंने अपनी फसल का बीमा कराया था। यही हाल दूसरी फसलों के मामले में भी था।
एनएसएसओ के अनुसार बीमा न कराने की एक बड़ी वजह यह है कि किसानों को फसल बीमा के बारे में जानकारी नहीं थी। गेहूं और धान बोने वाले लगभग 40 प्रतिशत किसानों को फसल बीमा के बारे में जानकारी नहीं थी।
सूत्रों ने कहा कि फसल बीमा के बारे में किसानों को जागरुक बनाना भी बड़ी चुनौती है। इसलिए सरकार इस योजना के बजटीय आवंटन में वृद्धि कर इसका व्यापक प्रचार प्रसार भी सुनिश्चित करेगी।
उल्लेखनीय है कि हाल में ही सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को मंजूरी दी थी। यह योजना आगामी खरीफ मौसम से लागू होगी।
