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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 23, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सनातन संस्था पर प्रतिबंध को लेकर विवाद शुरू

By Amit MishraEdited By:
Published: Wed, 23 Sep 2015 06:43 AM (GMT+05:30)Updated: Wed, 23 Sep 2015 07:22 AM (GMT+05:30)

कम्युनिस्ट नेता गोविंद पंसारे की हत्या के मामले में आरोपों के घेरे में आई सनातन संस्था को प्रतिबंधित करने के ...और पढ़ें

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नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। कम्युनिस्ट नेता गोविंद पंसारे की हत्या के मामले में आरोपों के घेरे में आई सनातन संस्था को प्रतिबंधित करने के मुद्दे पर विवाद शुरू हो गया है। इस सिलसिले में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के दावे को दो पूर्व गृह सचिवों ने सिरे से खारिज कर दिया है।

चव्हाण ने दावा किया है कि उनकी सरकार ने 2011 में ही केंद्र से इस संस्था को प्रतिबंधित करने के लिए कहा था। लेकिन पूर्व गृह सचिव जीके पिल्लई और आरके सिंह ने साफ कर दिया है कि इसके लिए जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए थे।

पंसारे की हत्या के अलावा कट्टरपंथी सनातन संस्था पर पहले भी इस तरह के आरोप लगते रहे हैं। महाराष्ट्र में कई बम धमाकों में सनातन संस्था से जुड़े लोगों के शामिल होने का आरोप लगने के बाद एटीएस ने इसे प्रतिबंधित करने की जरूरत बताई थी।

पृथ्वीराज चव्हाण के अनुसार, उनकी सरकार ने तत्काल गृह मंत्रालय को सनातन संस्था की गतिविधियों पर डोजियर भेजा था। चव्हाण ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की मांग पर तब गृह मंत्रालय ने कोई कार्रवाई नहीं की। लेकिन तत्कालीन गृह सचिव जीके पिल्लई और आरके सिंह ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने इसके लिए जरूरी दस्तावेज नहीं उपलब्ध कराए।

आरके सिंह और जीके पिल्लई के साथ-साथ तत्कालीन गृह मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार शिंदे ने भी चव्हाण के दावे पर सवाल किया है। शिंदे ने कहा है कि यदि चव्हाण सनातन संस्था पर प्रतिबंध लगाने के लिए इतने ही गंभीर थे, तो सीधे उन्हें फोन कर सकते थे।

कलबर्गी मामले में गायकवाड़ से पूछताछ

कन्नड़ विद्वान एमएम कलबर्गी की हत्या की जांच कर रही कर्नाटक पुलिस ने सनातन संस्था के कार्यकर्ता समीर गायकवाड़ से पूछताछ की है। गायकवाड़ को कम्युनिस्ट नेता गोविंद पंसारे की हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है।

कर्नाटक सीआइडी के एसपी एस. राजप्पा ने अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ गायकवाड़ से पूछताछ की। इस बीच, पणजी में भाजपा विधायक विष्णु वाघ ने सनातन संस्था की तुलना सिमी से करते हुए इस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। वाघ ने कहा कि हिंसा किसी रूप में वैचारिक मतभेद का जवाब नहीं है।