'ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें', SIR विवाद के बीच कांग्रेस का देशव्यापी प्रदर्शन का एलान
चुनाव आयोग में SIR विवाद को लेकर कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन का एलान किया है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार।
HighLights
कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन छेड़ा।
एसआईआर विवाद के बाद बर्खास्तगी और जांच की मांग की।
25 और 28 सितंबर को राज्य-जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चुनाव आयोग के भीतर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उपजे मतभेद और मीडिया रिपोर्ट में सामने आए दावों के बाद देशभर की सियासत में गर्माहट तेज हो गई है। आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति भी सातवें आसमान पर है।
इसी बीच अब मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए देशव्यापी आंदोलन का एलान किया है। कांग्रेस ने शुक्रवार 25 सितंबर को अपने सभी प्रदेश कार्यालयों (PCC) को राज्य चुनाव आयोग दफ्तरों के बाहर जोरदार प्रदर्शन करने का निर्देश दिया है।
कांग्रेस की मुख्य मांगें क्या-क्या हैं?
बता दें कि इस पूरे विवाद के बाद कांग्रेस ने मांग की है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की तत्काल बर्खास्तगी और गिरफ्तारी हो। फिर, उनके कार्यकाल में लिए गए सभी फैसलों और चुनावी सूची में किए गए बदलावों की स्वतंत्र और व्यापक जांच।
आंदोलन को लेकर क्या है कांग्रेस का पूरा प्लान?
मामले में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी देते हुए बताया कि इस आंदोलन के दूसरे चरण के तहत सोमवार, 28 सितंबर को सभी जिला कांग्रेस कमेटियां (DCC) देश भर के जिला कलेक्ट्रेट पर विशाल विरोध मार्च निकालेंगी।
उन्होंने दो टूक कहा कि ज्ञानेश कुमार को जाना होगा और उनके सभी फैसले पलटे जाने चाहिए। हमारी मांगें पूरी होने तक यह विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संविधान के दुश्मनों को बेनकाब कर दिया गया है, न्याय जरूर मिलेगा।
अब समझिए क्या है पूरा 'एसआईआर' विवाद?
गौरतलब है कि यह पूरा विवाद एक अंग्रेजी समाचार पत्र की उस रिपोर्ट के बाद सामने आया, जिसमें दावा किया गया था कि चुनाव आयोग के भीतर अंदरूनी खींचतान चल रही है। रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मतदाता सूची के एसआईआर सर्वे से जुड़े मामलों को लेकर तीन सदस्यीय पैनल के भीतर बार-बार अपनी चिंताएं और आपत्तियां दर्ज कराई थीं।
रिपोर्ट में इस बात का दावा किया गया है कि हालांकि एसआईआर की पूरी कवायद तीनों आयुक्तों की देखरेख में हुई, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार संधू और जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार औपचारिक रूप से आपत्तियां दर्ज कीं। इनमें से चार आपत्तियां तो एक ही दिन में दर्ज की गईं, जिसमें कहा गया कि कई फैसले और आदेश उनकी जानकारी के बिना लिए या जारी किए गए हैं।
