विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 03, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सीओ ने किया किशोरी से दुष्कर्म

By Edited By:
Published: Tue, 03 Dec 2013 12:30 PM (IST)Updated: Tue, 03 Dec 2013 02:44 PM (IST)

अमेठी। नौकरी का झांसा देकर जिले के मुसाफिरखाना सर्किल के सीओ ने एक किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। सोमवार को ...और पढ़ें

News Article Hero Image

अमेठी। नौकरी का झांसा देकर जिले के मुसाफिरखाना सर्किल के सीओ ने एक किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। सोमवार को युवती के परिजनों ने एसपी के पास पहुंच दुखड़ा सुनाया। बाद में एसपी के निर्देश पर रिपोर्ट दर्ज करके किशोरी को मेडिकल जांच के लिए भेज दिया गया।

मुसाफिरखाना थानाक्षेत्र निवासी एक किशोरी का आरोप है कि गलती से उसके मोबाइल से सीओ मुसाफिरखाना विपुल कुमार श्रीवास्तव के सीयूजी नंबर पर काल चली गई। सीओ ने काल बैक कर उससे परेशानी पूछी, तो उसने कोई समस्या न कहकर फोन रख दिया। बाद में सीओ ने नौकरी व शादी का झांसा देकर उससे बातचीत करना शुरू कर दिया। पीड़िता के मुताबिक पहचान व पता बताए जाने पर सीओ उससे मिलने गांव भी गए। लेकिन वहां मुलाकात नहीं हो सकी। पीड़िता का आरोप है कि 23 अक्टूबर को जब वह सीओ के बुलावे पर जगदीशपुर पहुंची तो वहां दोनों की पहली बार मुलाकात हुई।

पढ़ें: शादी का झांसा दे दो वर्ष तक रेप

उधर किशोरी के परिजनों को भी शक हुआ तो उन्होंने पूछताछ शुरू की। परिजनों के एतराज के बाद भी सीओ उससे बात करते रहे। नौकरी के लालच में वह भी फोन पर लगातार बात करती रही। 23 नवंबर को उसको सीओ ने लखनऊ के आलमबाग बुलाया। बिना परिजनों को बताए ही नौकरी की लालच में 24 नवंबर को वह लखनऊ पहुंची तो वहां सीओ ने एक होटल में उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। लखनऊ से ही नौकरी दिलाने के नाम पर सीओ ने उसे कानपुर भेज दिया। कानपुर में नौकरी न मिलने पर लड़की को दिल्ली भेज दिया गया। वहां पर भी बात न बनने पर फिर उसे कानपुर वापस बुला लिया गया और कानपुर की एक कंपनी में उसे नौकरी दिला दी गई। नौकरी मनमाफिक न होने पर पीड़िता ने सीओ पर दबाव बनाया तो सीओ उसे धमकाने लगे और पिता व भाई को मरवा डालने की धमकी दी। लड़की की माने तो धमकी से परेशान होकर उसने अपने परिजनों को फोन कर आपबीती सुनाई।

पढें: नोएडा: पहले दोस्ती फिर शादी का झांसा दे युवती से रेप

उधर, मामला बढ़ता देख पहले सीओ ने खुद लड़की को धमकाया। उसके बाद एसओ मुसाफिरखाना मनोज तिवारी व कांस्टेबल अरुण तिवारी ने भी पीड़िता के पिता को मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी। विभाग पहले तो मामले को मैनेज करने में लगा रहा। लेकिन सोमवार को लगभग घंटे भर तक चले नाटकीय घटनाक्रम के बाद एसपी ने महिला एसओ रेखा सिंह को मामला दर्ज करने के आदेश दिए। एसपी हीरालाल ने प्रकरण को काफी गंभीर बताते हुए उच्च स्तरीय जांच कराने की बात कही। आरोप के बाबत सीओ विपुल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि लड़की बराबर मिस्ड कॉल करती थी, जिस पर उसे व उसके पिता को समझाया था। निष्पक्ष जांच के बाद मामला खुद ही साफ हो जाएगा। रिपोर्ट दर्ज किए जाने के बाद किशोरी को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा है।

मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर