यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 26, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अनाथ आश्रम में बच्चों का शोषण
बिहार के वैशाली जिला स्थित एक अनाथ आश्रम में बच्चों के शोषण का मामला सामने आया है। फादर टेरेसा के ...और पढ़ें

केदारनाथ सिंह, वैशाली। बिहार के वैशाली जिला स्थित एक अनाथ आश्रम में बच्चों के शोषण का मामला सामने आया है। फादर टेरेसा के नाम से चर्चित चकवाजा लोकसेवा आश्रम का सच सामने आने के बाद पुलिस अधिकारी सकते में हैं। आश्रम में बंदी की तरह रखे गए बच्चों ने इसके संचालक प्रद्युम्न कुमार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस आश्रम को सील कर संचालक पर कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
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आश्रम में विषाक्त भोजन खाने से बीमार बच्चों से मिलने गए बेलसर सीओ धीरज कुमार और बेलसर ओपी अध्यक्ष शैलेश्वर प्रसाद को बच्चों ने आपबीती सुनाई। उन्होंने आश्रम संचालक पर आरोप लगाया कि वह उनके साथ अश्लील हरकत करता था। आश्रम की नाबालिग लड़कियों के साथ जोर-जबरदस्ती कर उन्हें पागल बनाने की कोशिश की जाती थी। बच्चों ने आश्रम में बंदी बनाकर रखने की बात कही है। असम के दीमापुर का बंदी बनाकर रखा गया 15 वर्षीय धीरज राजा, शंकर, गुंजेश, छोटू, आनंद व अन्य बच्चों ने प्रद्युम्न कुमार पर मारपीट करने का आरोप लगाया।
बच्चों ने बताया कि तीन वर्ष पूर्व रीता नाम की एक लड़की फादर के अत्याचार से आश्रम में मर गई थी। हालांकि प्रद्युम्न ने इन आरोपों से इन्कार किया है। आश्रम में बंदी बनाकर रखे गए 16 बच्चों के अलावा 22 बच्चे और भी थे, जबकि नौ बच्चों का इलाज चल रहा है।
पेशे से वकील प्रद्युम्न कुमार ने चकवाजा में अनाथ आश्रम खोला था। इसके नाम पर उन्हें भारी-भरकम आर्थिक मदद भी मिलती है। गुरुवार को विषाक्त भोजन खाने से आश्रम के चार दर्जन से अधिक बच्चे बीमार हो गए थे। जिनमें से एक की इलाज के दौरान मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल में मौत भी हो गई।
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